महंगाई और अत्याचार से त्रस्त जनता ने उठाई आज़ादी की मांग, 12 प्रदर्शनकारियों की मौत के बाद ‘नारा-ए-कश्मीर, जिवे-जिवे कश्मीर’ जैसे नारों से गूंज उठा पूरा इलाका

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और सेना के अत्याचारों से तंग आकर लोग सड़कों पर उतर आए हैं। बीते बुधवार को, हालात तब और खराब हो गए जब पाकिस्तानी सेना ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चला दीं। धीरकोट इलाके में हुई गोलीबारी में 12 नागरिकों की मौत हो गई और 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए।
यह विरोध शुरूआत में 38 मांगों को लेकर था, जिसमें बिजली और आटे पर सब्सिडी, टैक्स में राहत और अधूरे विकास कार्यों को पूरा करना शामिल था। लेकिन अब यह आक्रोश सेना और सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है। मुजफ्फराबाद, रावलकोट, नीलम घाटी और कोटली सहित कई इलाकों में लोग लगातार नारे लगा रहे हैं।

अवामी एक्शन कमेटी कर रही नेतृत्व
अवामी एक्शन कमेटी (AAC) के नेता शौकत नवाज मीर ने सेना और सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने कहा, “ये सरकार डायन बन चुकी है, अपने ही बच्चों को खा रही है। भारत पर जुल्म के आरोप लगाने वाले पहले खुद आईना देखें।” पाकिस्तान सरकार और सेना इस आंदोलन को दबाने में नाकाम हो रही है, पीओके आज पूरी तरह आंदोलित है। वहां की आवाज़ को दबाने के लिए गोलियां और आंसू गैस चलाई जा रही है, मगर लोग अब पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
प्रदर्शनकारियों के नारे –
नारा-ए-कश्मीर, जिवे-जिवे कश्मीर,हुक्मरानों देख लो, हम तुम्हारी मौत हैं। इंकलाब आयेगा ,कश्मीर हमारा है, हम इसकी तकदीर तय करेंगे,पीओके के लोगों का खून, विद्रोह का खून हैं। जैसे नारों से आवाज बुलंद का रहे है।