1 अक्टूबर से लागू हुए नए नियमों का आम लोगों की जेब, सफर और लेन-देन पर सीधा असर।
जानें रेलवे टिकट, एलपीजी, यूपीआई और NPS से जुड़े अहम बदलाव और उनका फायदा।
1 अक्टूबर से आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में कई अहम बदलाव लागू हो गए हैं, जो सीधे तौर पर उनकी जेब, सफर और लेन-देन को प्रभावित करेंगे। रेलवे टिकट बुकिंग के नियमों में नई पाबंदियों से फर्जी बुकिंग पर रोक लगेगी, जबकि एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी लोगों के बजट पर असर डालेगी। इसी तरह, यूपीआई और एनपीएस से जुड़े नए नियम डिजिटल लेन-देन और निवेश करने के तरीकों को बदल देंगे। इन बदलावों को समझकर लोग अपने फायदे के लिए तैयारी कर सकते हैं और अनावश्यक परेशानी से बच सकते हैं।
1 अक्टूबर से कई बड़े बदलाव, जेब और सुविधाओं पर सीधा असर
अक्तूबर महीने की शुरुआत के साथ ही आम लोगों की ज़िंदगी से जुड़ी कई बड़ी चीज़ें बदल गई हैं। ये बदलाव सीधे तौर पर आपकी जेब, सफर और लेन-देन पर असर डालेंगे। अगर आप अपडेटेड रहेंगे तो इनका फायदा भी उठा सकते हैं और परेशानी से भी बच सकते हैं।
रेलवे टिकट बुकिंग नियमों में बदलाव
आज से रेलवे ने रिज़र्वेशन के नियम में बदलाव किया है। अब रिज़र्वेशन शुरू होने से पहले 15 मिनट में सिर्फ वही लोग टिकट बुक कर पाएंगे जिनका आधार वेरिफिकेशन हुआ है। यह नियम आईआरसीटीसी वेबसाइट और ऐप दोनों पर लागू है। इससे असली यात्रियों को फायदा होगा और फर्जी बुकिंग पर रोक लगेगी।
एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में झटका
दशहरा और दिवाली से पहले लोगों को महंगाई का झटका लगा है। दिल्ली में 19 किलो वाला कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर अब 1595.50 रुपये का हो गया है। पहले इसकी कीमत 1580 रुपये थी। यानी 15.50 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
यूपीआई नियम में बड़ा बदलाव
1 अक्टूबर से यूपीआई (UPI) के जरिए पैसे मांगने की सुविधा
(P2P Collect) बंद कर दी गई है। एनपीसीआई ने यह कदम बढ़ते साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए उठाया है। हालांकि राहत की बात यह है कि अब यूपीआई से आप 5 लाख रुपये तक ट्रांसफर कर सकते हैं, जबकि पहले यह लिमिट सिर्फ 1 लाख रुपये थी।
एनपीएस (NPS) से जुड़ा नया नियम
पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने नया मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क लागू किया है। इसके तहत नॉन-गवर्नमेंट सेक्टर के निवेशक अब एक ही PAN या PRAN पर अलग-अलग योजनाओं में निवेश कर सकेंगे।