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सुमित अंतिल ने पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में लगातार तीसरी बार जीता गोल्ड! बनाया नया रिकॉर्ड…..

भारतीय पैरा एथलीट सुमित अंतिल ने पुरुष भाला फेंक (F64) में 71.37 मीटर के थ्रो के साथ तीसरी बार स्वर्ण पदक जीता।

जानें उनकी उपलब्धियों और F64 प्रतियोगिता के बारे में।

भारतीय पैरा एथलीट सुमित अंतिल ने विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में इतिहास रच दिया। उन्होंने मंगलवार को पुरुषों की भाला फेंक (एफ64) स्पर्धा में 71.37 मीटर का थ्रो कर तीसरा स्वर्ण पदक जीता। सुमित ने लगातार तीसरी बार पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीता है। इसके अलावा कोलंबिया के टॉमस फेलिप सोटो मीना 48.38 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहे। जबकि कजाखस्तान के रुफत खाबीबुलिन ने 47.14 मीटर के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। भारत ने इस चैंपियनशिप में अब तक चार स्वर्ण, चार रजत और एक कांस्य पदक जीता है। जिसके साथ ही भारत चौथे स्थान पर है।

सुमित ने बनाया नया रिकॉर्ड

सुमित ने 2023 पैरालंपिक में बनाए हुए अपने 70.83 मीटर के रिकॉर्ड को तोड़ा है। जबकि वह अपने 73.29 मीटर के विश्व रिकॉर्ड को तोड़ने से चूक गए। नीरज चोपड़ा की मौजूदगी ने खेल में उनका हौसला बढ़ाया है। सुमित ने बताया कि कंधे में दर्द के बावजूद उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। “मैं विश्व रिकॉर्ड तोड़ना चाहता था, लेकिन कंधे में दर्द ने परेशान किया।”

तीसरी बार जीता गोल्ड

सुमित ने 2023 और 2024 में भी स्वर्ण पदक जीता था। और इस साल भी उन्होंने गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। उसके साथ लगातार 3 तीन बार गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। इस 27 वर्षीय खिलाड़ी ने 2021 में टोक्यो और 2024 में पेरिस पैरालंपिक में भी दो स्वर्ण पदक जीते है। वह एशियाई पैरा खेलों के मौजूदा चैंपियन हैं।

आखिर क्या है एफ64 प्रतियोगिता

F64 उन फील्ड एथलीटों के लिए है जिनके एक या दोनों पैरों की गति मध्यम रूप से प्रभावित होती है या जिनके अंग अनुपस्थित होते हैं। इन एथलीटों को भाला फेंकते समय, और शॉट व डिस्कस थ्रो करते समय संतुलन बनाए रखना पड़ता है। जिसमें F का अर्थ है Field Event और 64 है उनकी दिव्यांगता की श्रेणी।”

जीत के बाद बोले सुमित

गोल्ड मेडल जीतने के बाद सुमित ने कहा, “मैं अपना ही विश्व रिकॉर्ड तोड़ना चाहता था। मैं कोशिश कर रहा था लेकिन मुझे नहीं पता परसों जब मैं उठा तो मेरा हाथ काम नहीं कर रहा था। मुझे नहीं पता क्या हुआ। लेकिन अंत में मुझे खुशी है कि मैंने चैंपियनशिप रिकॉर्ड बनाया। मैंने थोड़े समय के लिए अपने फिजियो से इलाज करवाया। मुझे थोड़ी परेशानी हो रही थी लेकिन अंत में सब ठीक रहा।” लेकिन जब मैंने वार्म अप थ्रो के दौरान पूरी ताकत लगाई तो उन्हें दर्द गर्दन में महसूस हुआ।

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