अखिलेंद्र सिंह बोले – बिहार में फिल्म शूटिंग के लिए बदलनी होगी सोच और मानसिकता
प्रसिद्ध अभिनेता अखिलेंद्र सिंह ने बिहार में फिल्म शूटिंग और इंडस्ट्री को लेकर बात की है । अखिलेन्द्र सिर्फ अच्छे एक्टर ही नहीं हैं बल्कि कविता भी लिखते हैं। उन्होंने कहा बिहार में फिल्म इंडस्ट्री को लेकर अलग ही क्रेज है, लेकिन उस पर कोई खुलकर बात नहीं करता। उनका मानना है कि बिहार में शूटिंग करना आसान नहीं है। इसके लिए एक स्ट्रेटेजी बनानी होगी।
वो बताते हैं कि दूर से फिल्म इंडस्ट्री बहुत बड़ी और चमकदार लगती है, लेकिन पास जाकर पता चलता है कि ये उतनी बड़ी नहीं है। छोटी-सी इंडस्ट्री है, जहां हर बात जल्दी फैल जाती है। डरने की जरूरत नहीं है, बस आत्मविश्वास बनाए रखना चाहिए। बिहारी जहां जाते हैं, अपना नाम ज़रूर बनाते हैं।
बिहार में भोजपुरी फिल्में तो लगातार बनती हैं। अखिलेंद्र खुद तीन फिल्में कर चुके हैं – अंतर्द्वद, लोटस ब्लूम । वो कहते हैं कि सरकार ने सब्सिडी देना शुरू किया है, लेकिन अभी भी फिल्मवालों को आकर्षित करने के लिए स्ट्रेटेजी चाहिए। यूपी में प्रशासन पूरा साथ देता है, लेकिन बिहार में लोग कैमरे के सामने आकर कहते हैं “क्यों हटें, क्या ये जमीन आपकी है?” यही सोच बदलनी होगी।
उनका कहना है कि सरकार अकेले सबकुछ नहीं कर सकती। कई फिल्में जो बिहार की पृष्ठभूमि पर बनीं, उनकी शूटिंग महाराष्ट्र या एमपी में हुई। असली सवाल है आखिर क्यों कोई बिहार शूटिंग के लिए नहीं आता?
अखिलेंद्र मानते हैं कि सबसे बड़ी समस्या मानसिकता की है। छोटी-छोटी बातों पर लोग बदलना नहीं चाहते। जात-पात और संकीर्ण सोच ने राज्य को पीछे रखा है। अगर सच में बदलाव चाहिए तो सोच बदलनी होगी। तभी विकास होगा और फिल्म इंडस्ट्री भी बिहार की ओर खिंची चली आएगी।