बलूचिस्तान में सुरक्षाबलों को निशाना बनाकर किए गए इस हमले ने पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा पर फिर से गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा, एक बार फिर धमाके से दहल गई। दोपहर करीब 12:15 बजे फ्रंटियर कॉर्प के हेडक्वार्टर के पास एक फिदायीन हमलावर ने खुद को उड़ा लिया। बताया जा रहा कि, इस धमाके में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और 30 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि “धमाका इतना जोरदार था कि इसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई।”
सूत्रों के अनुसार, यह विस्फोट जिन्ना रोड के पास हुआ, जहां आमतौर पर लोगों की आवाजाही ज्यादा रहती है। धमाके को देखते हुए मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है, कि मारे गए लोगों में कितने सुरक्षा कर्मी हैं, और कितने आम नागरिक।
धमाके के बाद क्वेटा शहर में दहशत का माहौल है। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और पुलिस फौरन मौके पर पहुंचीं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। स्थिति को देखते हुए सभी अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है और डॉक्टरों व मेडिकल स्टाफ को अलर्ट पर रखा गया है।
बलूचिस्तान लंबे समय से अशांति और हिंसा का गढ़ बना हुआ है। यहां कई उग्रवादी गुट पाकिस्तानी सेना और सरकार के खिलाफ विद्रोह कर रहे हैं। ये गुट स्थानीय लोगों के लिए ज्यादा अधिकारों की मांग करते हैं, जबकि पाकिस्तानी सेना इनके दमन में लगी है। इसी खींचतान की वजह से यहां अक्सर हमले और बम धमाके होते रहते हैं।