तमिल सिनेमा के सुपरस्टार थलापति विजय की करूर रैली में भगदड़ से 39 की मौत।
जानें विजय का फ़िल्मी सफर, “थलापति” बनने की कहानी और उनकी राजनीतिक शुरुआत।
तमिल सिनेमा के सुपरस्टार और अब राजनीति में कदम रखने वाले थलापति विजय की रैली में बड़ा हादसा हो गया। उनकी राजनीतिक सभा में भगदड़ मचने से 39 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। हादसा कल शाम हुआ। इस घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर देशभर के नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
यह घटना ऐसे समय हुई है जब विजय ने कुछ ही महीने पहले अपनी नई पार्टी बनाकर राजनीति की पारी की शुरुआत की थी। अब लोगों के बीच यह जानने की इच्छा और बढ़ गई है कि आखिर फ़िल्मों से राजनीति तक विजय का सफ़र कैसे रहा।
कौन हैं थलापति विजय?
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में जन्मे विजय का असली नाम जोसेफ विजय है। वे मशहूर फिल्म निर्देशक एस. ई. चंद्रशेखर के बेटे हैं। सिनेमा जगत और दर्शकों के बीच वे थलापति विजय के नाम से लोकप्रिय हैं।
विजय ने अपने करियर की शुरुआत 1992 में अपने पिता की फिल्म नालैया थीरपू से की थी। शुरुआती दौर में उनकी कई फिल्में असफल रहीं, लेकिन समय के साथ उन्होंने लोकप्रियता हासिल की और तमिल सिनेमा के “मास एंटरटेनर” बन गए।
कैसे मिला “थलापति” का खिताब?
विजय को उनके प्रशंसकों ने “थलापति” यानी सेनापति या नेता का खिताब दिया। 1994 की उनकी हिट फिल्म रसगिन के बाद फैंस ने उन्हें पहली बार “इलाया थलापति” (युवा सेनापति) कहा था। बाद में 2017 में सुपरहिट फिल्म मर्सल के बाद यह नाम छोटा होकर थलापति रह गया।
विजय की संपत्ति और राजनीतिक सफर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, साल 2024 तक विजय की कुल संपत्ति लगभग 600 करोड़ रुपये है। वे एक फिल्म के लिए करीब 100 से 150 करोड़ रुपये तक चार्ज करते हैं। उनका चेन्नई स्थित बंगला भी तमिलनाडु में काफी मशहूर है।
साल 2024 में उन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी TVK की शुरुआत की और औपचारिक रूप से राजनीति में कदम रखा।