स्टरलाइट विरोधी प्रदर्शन से लेकर जयललिता और उनके सहयोगियों की संपत्ति से जुड़े मामले में भी कर चुकी है जांच
हादसे में महिलाएं और बच्चे भी शामिल, विजय ने मुआवजे का किया ऐलान – मृतकों को 20-20 लाख और घायलों को 2-2 लाख रुपए मिलेंगे
तमिलनाडु के करूर में विजय की रैली में भगदड़ से 39 लोगों की मौत, 10 बच्चे और 16 महिलाएं शामिल।
जस्टिस अरुणा जगदीशन जांच करेंगी।
तमिलनाडु के करूर जिले में शनिवार को एक्टर से नेता बने विजय की रैली में बड़ा हादसा हो गया। रैली के दौरान भगदड़ मचने से 39 लोगों की जान चली गई। मरने वालों में 10 बच्चे और 16 महिलाएं भी शामिल थीं। हादसे में कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।
सरकार ने इस मामले की जांच हाईकोर्ट की पूर्व जस्टिस अरुणा जगदीशन को सौंपी है। जस्टिस जगदीशन 2009 से 2015 तक मद्रास हाईकोर्ट में जज रहीं। वे इससे पहले 2018 में तूतीकोरिन में हुए स्टरलाइट विरोधी प्रदर्शन की जांच करने वाले आयोग का हिस्सा भी रह चुकी हैं। उस प्रदर्शन में पुलिस की गोलीबारी में 13 लोगों की मौत हुई थी और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक़, जस्टिस जगदीशन ने अपने कार्यकाल में कई अहम मामलों की सुनवाई की थी। इनमें जयललिता और उनके सहयोगियों की संपत्ति से जुड़े मामले भी शामिल हैं। इसके अलावा वे उस हाईकोर्ट पीठ का भी हिस्सा थीं, जिसने 2015 में चेन्नई पुलिस को वेलाचेरी में हुई कथित फर्जी मुठभेड़ में क्लीन चिट दी थी।
हादसे के बाद विजय ने सोशल मीडिया पर शोक जताया और पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस दर्दनाक घटना में जिनकी जान गई है, उनके परिजनों को 20-20 लाख रुपए दिए जाएंगे। वहीं घायलों को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी।
यह हादसा पूरे राज्य को झकझोर देने वाला है। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर है, जिससे साफ हो सके कि आखिर इस दुखद भगदड़ की असली वजह क्या थी।