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दिल्ली एनसीआर में बढ़ रहे HFMD के मामले, लक्षण और बचाव के ज़रूरी टिप्स ये रहे

दिल्ली एनसीआर में HFMD के मामले बढ़े

दिल्ली एनसीआर में हाथ, पैर और मुंह रोग (HFMD) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

जानें HFMD के लक्षण, कारण और बच्चों को इससे बचाने के आसान उपाय।

 

दिल्ली एनसीआर में हाथ, पैर और मुंह रोग (HFMD) के मामलों में तेजी देखी जा रही है। यह वायरल संक्रमण मुख्य रूप से छोटे बच्चों को प्रभावित करता है, लेकिन बड़े और बुजुर्ग भी इससे संक्रमित हो सकते हैं। बारिश के बाद का मौसम इस बीमारी के फैलाव के लिए अनुकूल होता है।

HFMD क्या है?

हाथ, पैर और मुंह रोग एक वायरल बीमारी है, जो कोक्ससैकी वायरस के कारण फैलती है। बच्चों में इसके आम लक्षणों में बुखार, हाथ, पैर और मुंह में दाने या छाले, और खाने-पीने में रुचि न होना शामिल हैं। लक्षण दिखने में आमतौर पर 3 से 7 दिन का समय लग सकता है। HFMD एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में छींक, खांस या संक्रमित चीजों को छूने से फैलती है। अगर कोई बच्चा संक्रमित खिलौने, कपड़े या बर्तनों को छूकर नाक या मुंह पर हाथ लगाता है, तो वह भी वायरस से प्रभावित हो सकता है।

बचाव के उपाय –

विशेषज्ञ बताते हैं कि इस बीमारी से बचाव के लिए साफ़-सफाई और स्वच्छता बेहद जरूरी है। बच्चों को नियमित रूप से हाथ धोने की आदत डालें। उन्हें पौष्टिक खाना और पर्याप्त पानी दें। मसालेदार और तैलीय भोजन से बचें।

अगर किसी बच्चे में HFMD के लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और संक्रमित व्यक्ति को दूसरों से अलग रखें। यह बीमारी आमतौर पर 7 से 10 दिन में अपने आप ठीक हो जाती है, लेकिन समय पर इलाज और सावधानी जरूरी है

Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

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