कोलकाता और महाराष्ट्र में भारी बारिश और बाढ़ से जनजीवन ठप, 10 से ज्यादा मौतें
कोलकाता में 37 साल में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज, रेल सेवाएं रद्द और बिजली गिरने से हादसे।
महाराष्ट्र के मुंबई, ठाणे, रायगढ़ में ऑरेंज अलर्ट, 26 लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद।
महाराष्ट्र मुख्यमंत्री ने ₹2,215 करोड़ राहत राशि का ऐलान
उत्तर भारत में तबाही मचाने के बाद बारिश ने अब बंगाल और महाराष्ट्र का रुख किया है। कोलकाता और महाराष्ट्र के लोग भारी बारिश और बाढ़ से परेशानियों का सामना कर रहे हैं। कोलकाता में हो रही भारी बारिश ने अपने 37 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जहाँ 24 घंटे से भी कम समय में 251.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है। भारतीय मौसम विभाग ने 24 और 25 सितंबर को भी कोलकाता और उसके आस-पास के इलाकों में भारी बारिश की आशंका जताई है।
साथ ही विभाग ने दुर्गा पूजा पंडाल के आयोजकों को भी अलर्ट रहने की चेतावनी दी है। लगातार हो रही बारिश से कोलकाता के कुछ जगहों पर बाढ़ जैसे हालात हो गए, जिसकी वजह से वहाँ रेल सेवाओं को अनिश्चित काल तक रद्द कर दिया गया है। भयंकर बारिश का असर वहाँ के मशहूर दुर्गा पंडालों पर भी पड़ रहा है और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन ठप हो चुका है। मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट को बताते हुए कोलकाता के मेयर ने लोगों को अपने घरों में रहने की अपील की है।
कोलकाता में भारी बारिश की वजह से कई जगहों पर बिजली के तार टूटकर सड़कों पर गिर गए, जिनकी चपेट में आने से अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है। कुछ रिपोर्टों का मानना है कि यह आंकड़ा लगभग 10 तक हो सकता है।पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे “अप्रत्याशित” बारिश बताते हुए जनता से अपने घरों में रहने की अपील की और कहा कि इस आपदा से दुर्गा पूजा पंडालों को लेकर मैं काफी दुखी हूँ।
महाराष्ट्र भी जलमग्न
महाराष्ट्र का मराठवाड़ा इलाका भारी बारिश की वजह से बाढ़ की चपेट में आ चुका है। IMD ने बुधवार और गुरुवार को मुंबई में हल्की बारिश का अनुमान लगाया और बताया है कि मुंबई और उसके आस-पास के कुछ इलाकों में भारी बारिश देखने को मिल सकती है। 27 सितंबर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए मौसम विभाग ने बताया कि मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और आस-पास के जिलों में बहुत तेज बारिश की आशंका है।
अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि भारी बारिश की वजह से जनजीवन ठप हो चुका है। 40 से ज्यादा सड़कें और पुल पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं, जिसकी वजह से वहाँ फंसे लोगों तक पहुँचने में कठिनाइयाँ हो रही हैं। इसके बावजूद कुछ निचले इलाकों से 25 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। मौसम विभाग ने बताया कि लातूर जिले में सोमवार को औसतन 35.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
भारी बारिश की वजह से अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं 26 लाख हेक्टेयर में फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। किसानों की गंभीर स्थिति को देखते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रभावित किसानों के लिए ₹2,215 करोड़ की राहत राशि देने की घोषणा की है, जिसमें से ₹1,829 करोड़ की राशि पहले ही वितरित की जा चुकी है।
उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इसे प्राकृतिक आपदा बताते हुए कहा कि “सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिया जाएगा।”