संजय यादव बने विवाद के केंद्र, तेजप्रताप-रोहिणी का सीधा हमला
मीसा खामोश, तेजस्वी को पिता और बड़े धड़े का पूरा समर्थन
नाराजगी के बावजूद यादव-मुस्लिम वोट बैंक पर भरोसा कायम

पटना: राजद (RJD) में इस वक्त सबसे बड़ी चर्चा परिवार के अंदर चल रही खींचतान की है। पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव अब संगठन में वर्चस्व की लड़ाई को खत्म करना चाहते हैं। यही वजह है कि उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए तेजस्वी यादव को पूरी तरह फ्री हैंड दे दिया है। चुनावी रणनीति से लेकर टिकट वितरण तक अब सब कुछ तेजस्वी के हाथों में रहेगा।
संजय यादव पर विवाद
तेजस्वी यादव के सबसे करीबी और राजनीतिक सलाहकार संजय यादव को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। तेजप्रताप यादव और रोहिणी आचार्य लगातार उन पर निशाना साध रहे हैं। उनका आरोप है कि पार्टी में फैसले केवल संजय यादव की सलाह पर हो रहे हैं और परिवार के बाकी सदस्यों की राय को नजरअंदाज किया जा रहा है। वहीं, मीसा भारती इस पूरे विवाद पर अब तक खामोश हैं।

‘एक परिवार, एक टिकट’ फार्मूला
राजद सूत्रों के मुताबिक, पिछली बार टिकट बंटवारे में परिवार और बड़े नेताओं की खींचतान ने पार्टी को नुकसान पहुंचाया था। इस बार तेजस्वी यादव ने संजय की सलाह पर ‘एक परिवार, एक टिकट’ का फार्मूला लागू किया है। इसके तहत न तो परिवार के अधिक लोगों को टिकट मिलेगा और न ही वरिष्ठ नेता अपनी मर्जी से टिकट बंटवा पाएंगे।
तेजस्वी को पूरा समर्थन
तेजस्वी के साथ पार्टी का बड़ा धड़ा खड़ा है। उनका मानना है कि यह चुनाव तेजस्वी यादव के लिए करो या मरो जैसा है। इसलिए उन्हें हर फैसले में पूरी छूट मिलनी चाहिए।
यादव-मुस्लिम वोट बैंक पर भरोसा कायम
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेजप्रताप और रोहिणी की नाराजगी का असर राजद की सेहत पर ज्यादा नहीं पड़ेगा। पार्टी का कोर वोट बैंक—मुस्लिम और यादव मतदाता—इस बार भी मजबूती से राजद के साथ खड़ा है।
महागठबंधन से दूरी और ‘कांग्रेस सरकार’ का नारा , बिहार में CWC की बैठक में क्या निकलेगा नतीजा
मुरली किसी और की बजाए कोई और,’ तुर्की ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में फिर उठाया कश्मीर का मुद्दा