राहुल गांधी के वोट चोरी आरोप पर बीजेपी का पलटवार।
अनुराग ठाकुर ने कहा, राहुल देश को राजनीतिक अस्थिरता वाले देशों जैसी स्थिति में ले जाना चाहते हैं।
राहुल ने कहा था कि देश में वोट चोरी हो रही है और चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है।
नई दिल्ली: राहुल गांधी ने दिल्ली में दूसरी बार वोट चोरी के मुद्दे को लेकर प्रेस वार्ता की | इस पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं और उनकी बयानबाज़ी लोकतंत्र को कमजोर करती है। ठाकुर ने आरोप लगाया कि राहुल भारत को “नेपाल और बांग्लादेश जैसी स्थिति” में ले जाना चाहते हैं, जहां राजनीतिक अस्थिरता और चुनावी प्रक्रियाओं पर लगातार सवाल उठते रहते हैं।”
ठाकुर ने यह भी कहा कि राहुल गांधी बार बार संवैधानिक संस्थाओं पर हमला कर रहे हैं। कभी सुप्रीम कोर्ट, कभी सेना, कभी चुनाव आयोग, हर संस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना कांग्रेस की आदत बन गई है। बीजेपी नेता ने राहुल के आरोपों को “बे-सिरपैर का झूठ” करार देते हुए कहा कि कांग्रेस बार बार हार का ठीकरा दूसरों पर फोड़ रही है। ठाकुर ने पूछा कि यदि राहुल गांधी के पास असली प्रमाण हैं, तो उन्होंने एफिडेविट क्यों नहीं दाखिल किया और अदालत क्यों नहीं गए?
राहुल ने बताया था कैसे फर्जी तरीके से किया वोट डिलीट
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि भारत के कुछ हिस्सों, विशेषकर ‘Aland’ विधानसभा सीट में बड़े पैमाने पर वोटर्स को मतदाता सूची से हटाया गया है और कुछ भ्रामक तरीकों से मतदाता जोड़ने घटाने की प्रक्रिया रही है। उन्होंने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त को ‘वोट चोरों’ की रक्षा करने का आरोप लगाया है।
राहुल ने कहा कि 2023 में Aland सीट से लगभग 6,018 फॉर्म 7 वाले एप्लीकेशन पड़े थे जिनमें वोटर हटाने की कोशिश हुई थी, और वो ये भी दावा करते हैं कि महाराष्ट्र की कुछ जगहों पर भी जरूरी बदलाव सही तरीके से नहीं हुए।
भाजपा का पलटवार
बीजेपी प्रवक्ताओं ने भी कहा कि भारत का चुनाव आयोग दुनिया की सबसे विश्वसनीय संस्थाओं में से एक है और करोड़ों मतदाता उस पर भरोसा करते हैं। ऐसे में राहुल गांधी के बयान देश की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नुकसान पहुंचाते हैं।
वहीं कांग्रेस का कहना है कि वह केवल यह चाहती है कि चुनाव आयोग पारदर्शिता से काम करे और सरकार का उस पर किसी तरह का दबाव न हो।
वहीं चुनाव आयोग ने राहुल के आरोपों को गलत और निराधार बताया है। उन्होंने यह कहा है कि कोई ऐसा तंत्र नहीं है जिसके जरिए कोई आम व्यक्ति ऑनलाइन जाकर वोटर सूची से किसी को हटा सकता हो।