ज्योतिबा फुले का चैप्टर हटाने पर सियासी बवाल, गहलोत का BJP-RSS पर आरोप
राजस्थान यूनिवर्सिटी के पाठ्यक्रम से समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले से जुड़ा चैप्टर हटाए जाने को लेकर राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीजेपी और आरएसएस पर शिक्षा से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है।
गहलोत ने कहा कि ज्योतिबा फुले जैसे महापुरुषों ने समाज को अंधविश्वास और भेदभाव से बाहर निकालने के लिए जीवन समर्पित किया। उनके योगदान को किताबों से हटाना लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की भावना पर चोट है। उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर आरोप लगाया है कि यह संगठन अपनी विचारधारा थोपने के लिए इतिहास और शिक्षा के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं।
गहलोत ने आगे कहा कि शिक्षा को किसी विचारधारा का हथियार नहीं बनाया जा सकता। छात्रों को सही इतिहास और समाज सुधारकों के विचारों से अवगत कराना सरकार और संस्थानों की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसे फैसले वापस नहीं लिए गए, तो यह आने वाली पीढ़ियों के साथ अन्याय होगा।
वहीं, इस मुद्दे पर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है और छात्र संगठनों ने भी नाराज़गी जताई है। उनका कहना है कि ज्योतिबा फुले जैसे समाज सुधारकों को हटाना शिक्षा की तटस्थता पर बवाल खड़ा करता है।
यह विवाद अब सियासी बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है, जहां एक तरफ गहलोत और विपक्ष इस फैसले की आलोचना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार और यूनिवर्सिटी प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है।