बिहार चुनाव से पहले हम प्रमुख Jitan Ram Manjhi का दावा, 15 से 20 सीटें चाहते हैं मांझी।
एक दिन पहले उन्होंने कहा था कि सीटें नहीं दी गई तो वह 100 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार देंगे ।
बिहार विधानसभा चुनाव में हिंदुस्तान आवाम मोर्चा ने सीटों को लेकर अपनी महत्वाकांक्षा जाहिर कर दी है। जीतन राम मांझी बिहार में 15 से 20 विधानसभा सीटें चाहते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब रविवार को पूर्णिया गए थे तब वहां जीतन राम मांझी भी साथ मौजूद थे। ठीक एक दिन पहले शनिवार को उन्होंने दावा किया कि अगर उन्हें 15 से 20 सीटें नहीं दी गई तो वह 100 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार देंगे।जीतन राम मांझी नरेंद्र मोदी सरकार में कद्दावर मंत्री हैं उनके पास केंद्र सरकार की में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय है उनकी गिनती दबदबे वाले मंत्रियों में होती है।
Jitan Ram Manjhi ने कहा, “अगर हमको हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा सेक्युलर अधिकृत करता है तो हम जरूर फैसला लेंगे। फैसला में एक ही चीज है कि हम चाहते हैं कि हमारा हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा सेक्युलर हर हालत में मान्यता प्राप्त कर ले। मान्यता प्राप्त करने के लिए हमको 8 सीट विधानसभा चुनाव में चाहिए कुल मतदान का 6% वोट चाहिए”
जीतन राम मांझी ने कहा, कि ” हमारी पार्टी अब 10 वर्ष की हो गई है। हम अपने निबंधित पार्टी होने पर अपने आप को अपमानित समझते हैं, इसलिए इस बार करो या मरो का मुद्दा है विधानसभावर हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के कार्यकर्ता हैं ।जीतन राम मांझी का धरातल क्या है, उनको आभास है।”
चुनाव आयोग के मुताबिक: निबंधित पार्टी क्या ?
आपको बता दें, कि चुनाव आयोग के मुताबिक निबंधित पार्टियों में राजनीतिक दल है जो ECI के साथ रजिस्टर्ड है ये पार्टियां लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत मान्यता प्राप्त करती है। पंजीकरण के लिए, दल को अपना संविधान उद्देश्य और संगठनात्मक ढांचा प्रस्तुत करना होता है मान्यता के लिए दल को चुनाव के न्यूनतम मत प्रतिशत या सीटें जितनी होती है इसके लिए दल को राज्य की विधानसभा में कम से कम 6% वैध वोट या 8 सीटें चाहिए। तभी मान्यता प्राप्त दल को स्थायी चुनाव चिन्ह मिलेगा जीतन राम मांझी अपनी पार्टी के लिए इसी दर्जे की मांग कर रहे हैं।