भुजबल ने फड़नवीस के गढ़ में बुलाई बड़ी ओबीसी रैली, आरक्षण मामला और हुआ पेचीदा
महाराष्ट्र सरकार के लिए सिरदर्द बढ़ सकता है क्योंकि छगन भुजबल 18 सितंबर को नागपुर में ओबीसी रैली करेंगे। उनका मानना है कि मराठाओं को कुनबी प्रमाणपत्र दिए जाने पर ओबीसी अधिकारों पर खतरा होगा ।
महाराष्ट्र के वरिष्ठ ओबीसी नेता तथा मंत्री छगन भुजबल 18 सितंबर को नागपुर में एक बड़ी रैली निकालने वाले हैं। लक्ष्य है ओबीसी जातियां और अन्य पिछड़ी श्रेणियां क्योंकि उन्हें लगता है कि राज्य सरकार की आरक्षण नीति मराठाओं के पक्ष में जा रही है। और दूसरे समुदायों के मौजूदा अधिकारों को प्रभावित कर रही है।
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, छगन भुजबल की यह रैली नागपुर के महात्मा फूले सभागृह प्रिंसी बाग में होगी यह आयोजन महात्मा फुले समता परिषद और अन्य ओबीसी समूह द्वारा किया जा रहा है।
रैली का मुख्य मुद्दा है सरकार की नई नीति जिसके तहत मराठाओं को कुनबी प्रमाण पत्र दिए जाने की व्यवस्था हो रही है जो की हैदराबाद गैजेटर के आधार पर हो रहा है। ओबीसी समूह का कहना है कि इससे उनके अधिकार छीने जा सकते हैं।
भुजबल ने यह भी आरोप लगाया है कि राज्य सरकार ने संविधान और अदालतों द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों की अवहेलना की है जब उसने यह रिजॉल्यूशन पास किया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान
वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि सरकार ने ओबीसी समुदाय के हितों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है। भुजबल की चिंताएं दूर करने की कोशिश की जा रही है। दरअसल, भुजबल ने पहले भी एक ज्ञापन सौंपा था जिसमें उन्होंने यह मांग की थी कि सरकार इसे वापस ले क्योंकि सरकार का यह रिजॉल्यूशन ओबीसी आरक्षण को प्रभावित कर रहा है।
ओबीसी समुदाय में चिंता यह है कि यदि मराठा समुदाय को OBC-धारक कुनबी प्रमाणपत्र मिल जाता है, तो सरकारी, शिक्षा या स्थानीय निकायों में आरक्षण की सीटों पर उनकी हिस्सेदारी घट सकती है। इस रैली की अहमियत इसलिए भी है क्योंकि यह नागपुर, मुख्यमंत्री फडणवीस का गढ़ है।
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