सुप्रीम कोर्ट ने जामनगर स्थित रिलायंस फाउंडेशन के वंतारा जूलॉजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर को क्लीन चिट दी। कोर्ट ने कहा कि देश में हो रही अच्छी पहल की सराहना की जानी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने जामनगर स्थित रिलायंस फाउंडेशन के वंतारा सेंटर को क्लीन चिट दी। कोर्ट ने कहा– “देश में अच्छी चीज़ें हो रही हैं तो उनकी सराहना होनी चाहिए।”
गुजरात के जामनगर में रिलायंस फाउंडेशन के वंतारा जूलॉजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर को सुप्रीम कोर्ट ने क्लीन चिट देते हुए कहा कि देश में अगर कुछ अच्छी चीज़ें हो रही हैं तो उनकी सराहना करनी चाहिए और उस पर खुशी व्यक्त करनी चाहिए।
दरअसल कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट में वंतारा के खिलाफ एक याचिका दायर की गई थी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस जे. चेलमेश्वर की अध्यक्षता में एसआईटी (SIT) टीम गठित की गई थी। जांच में वंतारा पर लगे सभी आरोप निराधार पाए गए।
क्या लगे थे आरोप?
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि वंतारा में नियम-कानूनों का पालन सही तरीके से नहीं हो रहा है। साथ ही, विदेशों से जानवरों और हाथियों के अवैध अधिग्रहण का भी आरोप लगाया गया था। इसी की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक टीम गठित की थी।। इस टीम की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस जे. चेलमेश्वर को सौंपी गई थी। इसके अलावा टीम में उत्तराखंड और तेलंगाना हाई कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस जस्टिस राघवेंद्र चौहान, मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर हेमंत नगराले और अतिरिक्त कमिश्नर, कस्टम्स अनीश गुप्ता को शामिल किया गया था।
क्या है वंतारा?
भारत के उद्योगपति मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी द्वारा वर्ष 2024 में शुरू किया गया जूलॉजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर है जो करीब 3000 एकड़ में फैला हुआ है। इसमें लगभग 2000 से अधिक प्रजातियों और 1.5 लाख से ज्यादा बचाए गए जानवरों के लिए सभी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था है।
गुजरात के जामनगर में स्थित इस सेंटर को एक ऐसी पारिस्थितिकी के रूप में विकसित किया गया है, जहाँ सर्कस, दुर्घटनाओं या अन्य हादसों के शिकार हुए जानवरों के लिए मेडिकल सुविधाएं और देखभाल उपलब्ध कराई जाती है।