नितिन गडकरी का बड़ा बयान: “मेरे दिमाग की कीमत 200 करोड़” | इथेनॉल विवाद पर विपक्ष को करारा जवाबhनितिन गडकरी ने कांग्रेस के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि “मुझे पैसों की कमी नहीं, मेरे दिमाग की कीमत 200 करोड़ रुपए है।” गडकरी ने स्पष्ट किया कि इथेनॉल योजना किसानों के हित में था

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपने आलोचकों को जवाब देते हुए कहा कि “मुझे पैसों की कमी नहीं है, मेरे दिमाग की कीमत 200 करोड़ रुपए है ।”
दरअसल कुछ दिन पहले कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में गडकरी पर आरोप लगाया था कि इथेनॉल को बढ़ावा देने के पीछे उनके बेटों की कंपनियों को फायदा पहुंचाना है, न कि जनता का हित सोचना।
गडकरी ने कहा, “मैं कोई संत नहीं हूं, मेरा भी परिवार है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मैं कोई योजना अपने बेटों के कारोबार को बढ़ावा देने के लिए लागू करूं। विदर्भ में 10,000 किसानों की आत्महत्या मेरे लिए शर्म की बात है। जब तक हमारे किसान समृद्ध नहीं हो जाते, तब तक हम अपने प्रयास जारी रखेंगे।”
नागपुर में आयोजित सभा में गडकरी का बयान
13 सितंबर को नागपुर में आयोजित एग्रो वेलफेयर सोसाइटी के कार्यक्रम में गडकरी ने कहा, “मेरा काम सिर्फ अपने बेटों को आइडिया देना है, न कि उनके व्यापार को बढ़ाना। इथेनॉल से सीधा फायदा किसानों को होगा, मेरा निजी हित इसमें नहीं है। हम किसानों के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। मैं फ्रॉड नहीं करता, ईमानदारी से पैसे कमाता हूं। हमारा प्रयास किसानों को अन्नदाता ही नहीं बल्कि आइसोब्यूटेन (गैस ईंधन उत्पादक) बनाना है, ताकि आने वाले समय में कृषि क्षेत्र में भी भारत की वृद्धि हो।”
इथेनॉल पर विवाद और राजनीतिक हमला
नितिन गडकरी ने कहा कि इथेनॉल को लेकर सोशल मीडिया पर पैसों से अभियान चलाया गया था, जिसका मकसद लोगों को गुमराह करना और उनकी राजनीतिक छवि को खराब करना था। हालांकि विपक्ष इसमें सफल नहीं हो पाया।
क्या था सोशल मीडिया विवाद?
सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिश्रण से गाड़ियों के इंजन और पुर्जे खराब हो जाएंगे। विपक्षी दल कांग्रेस के नेताओं ने गडकरी पर आरोप लगाया था कि वे इथेनॉल को बढ़ावा इसलिए दे रहे हैं क्योंकि उनके दोनों बेटे इसी कारोबार से जुड़े हैं और उन्हें इसका सीधा लाभ होगा।