अभिनेत्री Disha patani के घर पर हुई फायरिंग ने सभी को चौंका दिया था । विवाद की जड़ उनकी बहन खुशबू पाटनी का संत अनिरुद्धाचार्य पर बयान बताया जा रहा था। अब खुशबू ने चुप्पी तोड़ते हुए सच सभी के सामने रखा है।
दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग के बाद उनकी बहन खुशबू पाटनी ने बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया और परिवार हमेशा साधु-संतों का सम्मान करता है। पिता जगदीश पाटनी ने इसे साज़िश बताया।
खुशबू पाटनी ने क्या कहा?
फायरिंग के बाद खुशबू पाटनी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी का मकसद किसी संत या धार्मिक गुरु का अपमान करना नहीं था। उनकी बात को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। खुशबू ने स्पष्ट किया कि उनका परिवार सनातनी है और हमेशा से साधु-संतों का सम्मान करता आया है।
सोशल मीडिया पर अपील
खुशबू ने लोगों से अपील की कि अफवाहें फैलाने के बजाय सच्चाई को समझें। उन्होंने कहा कि गलत बयानों से उनके परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचा है। घटना के बाद उन्होंने एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें बताया कि आम चीज़ों से भी व्यक्ति अपनी सुरक्षा कर सकता है। इस पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली—कुछ ने उनकी हिम्मत की सराहना की, जबकि कुछ ने इसे गंभीर घटना के बाद अजीब कदम बताया।
पिता जगदीश पाटनी की प्रतिक्रिया
Disha patani के पिता जगदीश पाटनी ने इसे एक “साज़िश” करार दिया। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी खुशबू को जानबूझकर बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि गोलीबारी के दौरान वे घर में ही मौजूद थे और एक गोली उनसे कुछ ही दूरी पर आकर लगी। उन्होंने घटना को बेहद गंभीर बताते हुए प्रशासन से सख़्त कार्रवाई की मांग की।
घटना कैसे हुई?
रिपोर्ट्स के अनुसार, दो बाइक सवार हमलावर बरेली के सिविल लाइन्स इलाके में दिशा पाटनी के घर के बाहर आए और 8 से 10 राउंड फायरिंग की। गोलीबारी इतनी नज़दीक हुई कि दिशा पाटनी के पिता बाल-बाल बच गए। पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी और सुरक्षा कड़ी कर दी। हालांकि, गोल्डी बराड़ गैंग ने इस घटना की जिम्मेदारी ली थी।
विवाद की जड़
माना जा रहा है कि फायरिंग की वजह खुशबू पाटनी के हालिया सोशल मीडिया बयान से जुड़ी है। पेशे से फिटनेस ट्रेनर और डॉक्टर ऑफ फिज़ियोथेरेपी खुशबू ने कुछ दिन पहले संत अनिरुद्धाचार्य के एक बयान की आलोचना की थी। अनिरुद्धाचार्य ने प्रवचन में कहा था—“25 साल से ऊपर की लड़कियाँ अगर लिव-इन रिलेशनशिप में रहती हैं तो उनकी इज्ज़त खत्म हो जाती है।” खुशबू ने इसे महिला सम्मान पर हमला बताते हुए खुलकर विरोध किया था।