ब्रिटेन में प्रवासियों के खिलाफ टॉमी रॉबिंसन की अगुवाई में विशाल रैली आयोजित की गई। इसमें 1 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया । “SEND THEM HOME” के नारे लगाए, प्रदर्शनकारियों से झड़पों में 25 से अधिक सुरक्षाकर्मी घायल हो गए ।
दुनिया प्रवासियों के लिए मुश्किलों से भरी होते जा रही है। यूरोप के ज्यादातर देश शरणार्थी संकट से गुजर रहे हैं। जो देश कुछ साल पहले तक प्रवासियों को बाहें फैलाकर स्वागत करते थे।आज वहीं उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे है। इन देशों में प्रवासियों के विरुद्ध बड़ी बड़ी रैलियाँ आयोजित की जा रही है।
दक्षिणपंथी नेता टॉमी रॉबिंसन के नेतृत्व में प्रदर्शन
अब ब्रिटेन में भी इस प्रकार की विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। शनिवार को दक्षिणपंथी नेता टॉमी रॉबिंसन के नेतृत्व में एक प्रदर्शन का आयोजन किया गया। बताया जा रहा है कि इस आयोजन में एक लाख से अधिक लोगों ने भी शिरकत की। इस प्रदर्शन की थीम यूनाइटेड द किंगडम रखी गई थी। विरोध प्रदर्शन के दौरान भीड़ हिंसक हो गई और पुलिसकर्मियों पर हमले किए गए जगह-जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों की झड़पें हुई इनमें 25 से अधिक पुलिसकर्मियों की घायल होने की सूचना है।
क्यों हो रहा है प्रदर्शन
इन विरोध प्रदर्शनों का उद्देश्य ब्रिटेन में हो रहे प्रवासियों के अवैध आगमन को लेकर था। प्रदर्शनकारियों लगातार ये आरोप लगाते रहे है कि ब्रिटेन में अत्यधिक प्रवासियों के आगमन से ब्रिटेन की नौकरियां और संस्कृति पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। इसके साथ ही इन प्रदर्शनकारियों ने ब्रिटेन की अदालतों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।उन्हें लगता है कि यहां की अदालतें स्थानीय लोगों की भावना का सम्मान नहीं करती है।
सरकार से भी नाराजगी
ये प्रदर्शनकारी कीर स्टार्मर की सरकार से भी खासा खफा है । “उन्हें घर भेजो ” जैसे तख्तियों वाले संदेश भी लेकर यह प्रदर्शनकारी आए थे। इन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भी एक प्रदर्शन हुआ जिसमें स्टैंड अप टू रेसिजम नस्लवाद के खिलाफ खड़े रहो इस प्रकार के नारे लगाए गए। इन प्रदर्शनों में ब्रिटेन को नाजीवाद से मुक्त करने और नस्लवाद से मुक्त करने जैसे नारे लग रहे थे।