मेहराज मलिक की गिरफ्तारी पर सियासी भूचाल : उमर अब्दुल्लाह, फारूक और केजरीवाल ने साधा केंद्र पर निशाना — संजय सिंह बोले, “गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं” क्या है पूरा मामला
जम्मू-कश्मीर विधायक मेहराज मलिक की गिरफ्तारी पर सियासी संग्राम छिड़ा। उमर अब्दुल्ला, फारूक अब्दुल्ला और अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर तानाशाही के आरोप लगाए। आप सांसद संजय सिंह बोले—गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं। पढ़िए पूरी खबर।
श्रीनगर : जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आप सांसद संजय सिंह को गिरफ्तार आप विधायक मेहराज मलिक के लिए होने वाले विरोध प्रदर्शन से रोके जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। उमर ने कहा संजय सिंह को गेस्ट हाउस में बंद कर दिया गया था ये किस कानून के तहत किया गया था। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर को लेकर हमेशा सख्त रवैया अपनाया जाने का आरोप लगाया। उमर ने केंद्र सरकार से अपनी गलती सुधारने की बात कही। वहीं बताया कि उन्होंने मेहराज मलिक के पिता से मुलाकात कर उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर लगाया था आरोप
इससे पहले आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर कड़ी टिप्पणी की थी । आप सांसद संजय सिंह से पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला को न मिलने दिए जाने के बारे में केजरीवाल ने कहा था कि ये सरासर गुंडागर्दी और तानाशाही है। दरअसल संजय सिंह, आप विधायक मेहराज मलिक की गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध दर्ज कराने श्रीनगर गए थे। और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला आप सांसद संजय सिंह से मिलने जाना चाहते थे लेकिन फारूख को इजाज़त नहीं दी गई। इसी पर केजरीवाल भड़क उठे । एक्स (X) पर पोस्ट साझा करते हुए केजरीवाल ने जम्मू-कश्मीर पुलिस की कार्रवाई को “गुंडागर्दी और तानाशाही” बताया।
उन्होंने लिखा—
“पूर्व मुख्यमंत्री जो कि मौजूदा मुख्यमंत्री के पिता जी हैं, उन्हें भी संजय सिंह से उन्ही के राज्य में मिलने नहीं दिया जा रहा? ये सरासर गुंडागर्दी और तानाशाही है। “
इसके बाद संजय सिंह ने भी वीडियो साझा कर लिखा था कि “यह बहुत दुख की बात है कि फारूक अब्दुल्ला जी, जो कई बार जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, पुलिस द्वारा मेरे नज़रबंद किए जाने की खबर सुनकर सरकारी गेस्ट हाउस में मुझसे मिलने आए, लेकिन उन्हें मिलने की अनुमति नहीं दी गई। अगर यह तानाशाही नहीं है, तो फिर और क्या है?”
इसके बाद फारूक अब्दुल्ला ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि संजय सिंह को विरोध करने से रोकना पूरी तरह गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर रहे हैं। अब्दुल्ला ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना संवैधानिक अधिकार है, लेकिन यहां निरंकुश तरीके से इसे दबाया जा रहा है।
तानाशाही चरम पर है
इसके बाद संजय सिंह ने एक पोस्ट करते हुए लिखा उन्होंने लिखा—
” तानाशाही चरम पर है मैं इस वक़्त श्रीनगर में हूँ। लोकतंत्र में हक़ के लिए आवाज़ उठाना आंदोलन करना हमारा संवैधानिक अधिकार है। आज मेहराज मलिक की अवैध गिरफ़्तारी के ख़िलाफ़ श्रीनगर में प्रेस कांफ्रेंस और धरना था लेकिन सरकारी गेस्ट हाउस को पुलिस छावनी बना दिया गया है। मुझे इमरान हुसैन और साथियों को गेस्ट हाउस से बाहर निकलने की इजाज़त नहीं है।”
गौरतलब है कि डोडा से आप विधायक मेहराज मलिक को सोमवार को पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA), 1978 के तहत गिरफ्तार किया गया था। उन पर सार्वजनिक व्यवस्था के खिलाफ गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।मलिक को भद्रवाह जेल शिफ्ट किया गया है