जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को आप सांसद संजय सिंह से मिलने नहीं दिया गया। इसी पर केजरीवाल भड़क उठे क्या कहा है केजरीवाल ने
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को आप सांसद संजय सिंह से मिलने से रोका। अरविंद केजरीवाल ने इसे “गुंडागर्दी और तानाशाही” कहा। जानें पूरी घटना, फारूक अब्दुल्ला और संजय सिंह की प्रतिक्रिया।
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर कड़ी टिप्पणी की है। केजरीवाल ने कहा ये सरासर गुंडागर्दी और तानाशाही है। दरअसल संजय सिंह, आप विधायक मेहराज मलिक की गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध दर्ज कराने श्रीनगर गए थे। और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला आप सांसद संजय सिंह से मिलने जाना चाहते थे लेकिन फारूख को इजाज़त नहीं दी गई। इसी पर केजरीवाल भड़क उठे । एक्स (X) पर पोस्ट साझा करते हुए केजरीवाल ने जम्मू-कश्मीर पुलिस की कार्रवाई को “गुंडागर्दी और तानाशाही” बताया।
उन्होंने लिखा—
“पूर्व मुख्यमंत्री जो कि मौजूदा मुख्यमंत्री के पिता जी हैं, उन्हें भी संजय सिंह से उन्ही के राज्य में मिलने नहीं दिया जा रहा? ये सरासर गुंडागर्दी और तानाशाही है। “

इसके बाद संजय सिंह ने भी वीडियो साझा कर लिखा कि “यह बहुत दुख की बात है कि फारूक अब्दुल्ला जी, जो कई बार जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, पुलिस द्वारा मेरे नज़रबंद किए जाने की खबर सुनकर सरकारी गेस्ट हाउस में मुझसे मिलने आए, लेकिन उन्हें मिलने की अनुमति नहीं दी गई। अगर यह तानाशाही नहीं है, तो फिर और क्या है?”
इसके बाद फारूक अब्दुल्ला ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि संजय सिंह को विरोध करने से रोकना पूरी तरह गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर रहे हैं। अब्दुल्ला ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना संवैधानिक अधिकार है, लेकिन यहां निरंकुश तरीके से इसे दबाया जा रहा है।
तानाशाही चरम पर है
इसके बाद संजय सिंह ने एक पोस्ट करते हुए लिखा
” तानाशाही चरम पर है मैं इस वक़्त श्रीनगर में हूँ। लोकतंत्र में हक़ के लिए आवाज़ उठाना आंदोलन करना हमारा संवैधानिक अधिकार है। आज मेहराज मलिक की अवैध गिरफ़्तारी के ख़िलाफ़ श्रीनगर में प्रेस कांफ्रेंस और धरना था लेकिन सरकारी गेस्ट हाउस को पुलिस छावनी बना दिया गया है। मुझे इमरान हुसैन और साथियों को गेस्ट हाउस से बाहर निकलने की इजाज़त नहीं है।”
गौरतलब है कि डोडा से आप विधायक मेहराज मलिक को सोमवार को पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA), 1978 के तहत गिरफ्तार किया गया था। उन पर सार्वजनिक व्यवस्था के खिलाफ गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।मलिक को भद्रवाह जेल शिफ्ट किया गया है