राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आतंकी साजिश के जुड़े मामलों में देश के अलग अलग हिस्सों में दबिश दी है।एनआईए की ये रेड जम्मू कश्मीर, उत्तर प्रदेश,बिहार, महाराष्ट्र,कर्नाटक और तमिलनाडु में की गई है। क्या है पूरी जानकारी !
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आतंकी साजिश मामले में जम्मू-कश्मीर, बिहार, यूपी, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु में छापेमारी की। आतंकियों की फंडिंग और हथियार सप्लाई के स्रोतों पर शिकंजा।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आतंकी साजिश के जुड़े मामले में देश के अलग अलग हिस्सों में दबिश दी है।एनआईए की ये रेड जम्मू कश्मीर, उत्तर प्रदेश,बिहार, महाराष्ट्र,कर्नाटक और तमिलनाडु में की गई है।जिसमें बिहार की 8 और जम्मू कश्मीर की 9 जगहों पर छापेमारी जारी है। इस सर्च ऑपरेशन में गहन स्तर पर तलाशी की जा रही है जिसमें आतंकवादियों को फंडिंग और हथियारों की सप्लाई के स्रोत खोजें जा रहे है।
बिहार में दबिश
दैनिक भास्कर में छपी एक खबर के अनुसार बिहार के कटिहार जिले में एनआईए की टीम ने सेमापुर में दबिश दी।जहां सुखासन गांव में जांच के दौरान इकबाल को हिरासत में लिया है वहीं इकबाल पर जनवरी में आर्म्स एक्ट के अंतर्गत एक केस दर्ज है।साथ ही सेमापुर के दुर्गापुर और बालूघाट के मुबारक,नूर आलम,हाशिम और निज़ाम के घर फिलहाल तलाशी जारी है। एनआईए की जांच में सबसे ज्यादा जगहें जम्मू कश्मीर की है। जिसमें पुलवामा,बारामुला,अनंतनाग और कुलगाम जिले प्रमुख है।बताया जा रहा है कि एनआईए की अलग अलग टीमों ने राज्यों की पुलिस के सहयोग से जरूरी इनपुट के आधार पर ये कार्रवाई की है। हाल के दिनों में एनआईए ने टेरर फंडिंग और आतंकी अड्डों के स्त्रोतों पर अभियान को और तेज कर दिया है।
6 राज्यों में सर्च ऑपरेशन
एनआईए की टीमें राज्यों की पुलिस के सहयोग से लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। बिहार में 8 और जम्मू-कश्मीर में 9 जगहों पर तलाशी की पुष्टि हुई है। इसके अलावा यूपी, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु में भी छापेमारी की जा रही है।
क्यों की जा रही है यह कार्रवाई?
हाल के दिनों में एनआईए ने टेरर फंडिंग और आतंकी नेटवर्क के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। एजेंसी को इनपुट मिले थे कि कुछ जगहों पर आतंकियों को धन और हथियारों की सप्लाई हो रही है, जिसके बाद ये बड़ी रेड शुरू की गई।
एनआईए क्या है
एनआईए,भारत की केंद्रीय जांच एजेंसी है जिसका मुंबई के 2008 के आतंकी हमले के बाद गठन किया गया था। आतंकी गतिविधियों की जांच, मानव तस्करी और मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों पर भी एनआईए जांच करती है। 2019 में एनआईए एक्ट में संशोधन के इसकी शक्तियों में और बढ़ोतरी कर दी गई है।