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क्या भारत में आने वाला है टिक टॉक,जानिए अश्विनी वैष्णव ने क्या कहा 2025

क्या भारत में आने वाला है टिक टॉक  ! अश्विनी वैष्णव का बड़ा बयान

भारत में आने वाला है टिक टॉक

 

सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत में टिक टॉक की एंट्री पर एक बड़ा बयान दिया है। वैष्णव ने मनी कंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि सरकार,टिक टॉक पर 2020 से लगे बैन को हटाने के विचार में नहीं है। टिक टॉक से बैन हटाने की बात पर अश्विन वैष्णव ने कहा कि ” अभी सरकार की तरफ से इसपर बैन हटाने का कोई प्रस्ताव नहीं आया है “। भारत और चीन के बीच अच्छे सम्बंध बनाने को लेकर लोगों में इसपर बैन हटाने की अटकलें थी। लेकिन अश्विनी वैष्णव के इस बयान ने साफ कर दिया कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव अभी तक नहीं है।

कब लगा था बैन | भारत में आने वाला है टिक टॉक

भारत सरकार ने नेशनल सिक्योरिटी का मुद्दा बता कर जून 2020 में टिक टॉक के साथ 59 और भी ऐप बैन कर दिए थे, जो जनवरी 2021 में परमानेंट कर दिए गए। 2020 तक टिक टॉक भारत में काफी प्रचलित था। 20 करोड़ के आस पास यूजर्स के साथ ये भारत में इसका बड़ा मार्केट था। सरकारी आदेश के बाद एपल, गूगल ने इसे अपने स्टोर से हटा दिया था । भारत में आने वाला है टिक टॉक

चीन का निवेश

मनी कंट्रोल ने अश्विन वैष्णव से पूछा कि क्या चीनी निवेशकों की भारत के टेक इंडस्ट्री में वापसी होगी इस पर उन्होंने कहा कि अभी कोई ऐसी उम्मीद नहीं है आगे देखते है जो होगा,वो होगा “। उन्होंने आगे बताते हुए कहा कि भारत की नीतियां पारदर्शी है,जो सभी के लिए स्पष्ट रूप से साझा की जाएगी। भारत में आने वाला है टिक टॉक

भारत में चीनी निवेश

अलीबाबा, टेनसेंट, शूनवेई कैपिटल जैसी टेक कंपनिया 2020 तक भारतीय स्टार्टअप्स में अरबों रुपए तक निवेश कर चुकी थी। इन कंपनियों ने ई कॉमर्स, फ़िनटेक, फूड डिलीवरी, मोबिलिटी, डिजिटल कंटेंट जैसे क्षेत्रों में निवेश किया था । भारत में आने वाला है टिक टॉक

सरकार ने FDI नियमों को सख्त करते हुए भारत की सीमा से सटे देश जैसे चीन को निवेश के लिए मंजूरी लेना जरूरी कर दिया था। जिसकी वजह से चीनी निवेशकों को अपनी हिस्सेदारी कम करनी पड़ी थी,या बाहर का रास्ता देखना पड़ा था । भारत में आने वाला है टिक टॉक

भारत का सेमीकंडक्टर -इलेक्ट्रोनिक्स में पार्टनरशिप

सेमीकंडक्टर इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चैन के सवाल पर वैष्णव ने कहा कि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री ग्लोबल वेल्यू चेन एक नेचुरल हिस्सा है। उन्होंने आगे कहा की ‘ हम इस इंडस्ट्री के काम करने के तरीके का सम्मान करते है। वैल्यू जहां जोड़ी जाती है, उसका फायदा हमारे इंडस्ट्री और लोगो को मिलना चाहिए।

मनी कंट्रोल की रिपोर्ट

पिछले हफ्ते मनी कंट्रोल ने अपने एक रिपोर्ट में बताया था कि भारत और चीन की कंपनिया इलेक्ट्रोनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में जॉइंट वेंचर और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप पर अपनी बात तेज करने की तैयारी में है।

किन किन सेक्टरों में पार्टनर

भारत और चीन की बीच ज्यादा पार्टनरशिप इलेक्ट्रोनिक्स कंपोनेंट्स सेक्टर में है। भारत के मेकर्स चीनी कंपनियों के साथ टेक्नोलोजी और लागत में फायदा लेने की कोशिश कर रहे हैं ।

 

 

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