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लखनऊ में फेक IAS अफसर गिरफ्तार: लग्ज़री कारों का शौकीन था फर्जी आईएएस

लग्ज़री कार और 5-स्टार होटलों का शौकीन फेक IAS अफसर गिरफ़्तार 

लग्ज़री कार और 5-स्टार होटलों का शौकीन फेक IAS अफसर गिरफ़्तार

यूपी पुलिस ने लखनऊ वजीरगंज से फर्जी IAS अफसर सौरभ त्रिपाठी को गिरफ्तार किया। उसके पास छह लग्ज़री कारें और फर्जी सरकारी दस्तावेज़ बरामद हुए। इस मामले में उसके निजी सचिव को भी हिरासत में लिया गया।

 

यूपी की राजधानी लखनऊ के वजीरगंज से पुलिस ने एक फर्जी IAS को गिरफ्तार किया है। उसके पास से छह लग्ज़री कारें बरामद हुईं, जो उसने केंद्र और राज्य मुख्यालय में अटैच करने के नाम पर लोगों से किराए पर ले रखी थीं। खुद को IAS अधिकारी बताकर लंबे समय तक लोगों को भ्रमित करता रहा।

उत्तर प्रदेश मऊ जिले के गौतम बुद्ध नगर का निवासी सौरभ त्रिपाठी

लगभग 4 वर्षों तक UPSC परीक्षा दी, बार-बार फेल होने के बाद खुद को फर्जी IAS अधिकारी के रूप में पेश किया।

लग्ज़री कारों का शौकीन था सौरभ त्रिपाठी

जैसे Defender, Range Rover, Mercedes–Benz, Fortuner, Innova Crysta उसके काफिले में रहती थीं, ये सभी कारें।

सौरभ त्रिपाठी ने चार साल तक खुद को IAS अधिकारी बताकर लोगों को ठगने का खेल खेला, लग्ज़री कारों और फर्जी सरकारी आईडी का खुलासा

लखनऊ वजीरगंज इंस्पेक्टर

राजेश त्रिपाठी ने बताया, Defender, Mercedes,

Fortuner, Innova, Range Rover जैसी छह गाड़ियां बरामद हुई हैं। Defender बिहार की और Mercedes दिल्ली की, बाकी चार गाड़ियां लखनऊ और आसपास के जिलों में रहने वाले लोगों की हैं,

जो उसने केंद्र और राज्य मुख्यालय में अटैच करने के नाम पर लोगों से किराए पर ले रखी थीं।

सौरभ त्रिपाठी ने खुद को कैबिनेट स्पेशल सेक्रेटरी या अर्बन रूरल डेवलपमेंट सेक्रेटरी जैसे सरकारी पद परतैनात बताया।

सौरभ त्रिपाठी इतना शातिर था कि वह फर्जी सरकारी पास, विज़िटिंग कार्ड, यहां तक कि असली लगने वाली ईमेल आईडी जैसे GOV.IN या NIC इस्तेमाल करके लोगों पर विश्वास बनाता था।

सौरभ त्रिपाठी की गिरफ्तारी

शालीमार वन वर्ल्ड, गोमती नगर एक्सटेंशन, लखनऊ में 60 हज़ार माह किराए पर एक लग्ज़री फ्लैट ले रखा था।

इसके अलावा नोएडा सेक्टर-35 में भी उसने एक अपना आवास बना रखा था।

सौरभ त्रिपाठी की सभी संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले में शुक्रवार को लखनऊ पुलिस ने सौरभ के निजी सचिव

गौरव पांडे, जिसने इस धोखाधड़ी में सौरभ त्रिपाठी का साथ दिया, उसे भी गिरफ्तार कर लिया है।

एक वाहन जांच के दौरान, लखनऊ में कारगिल शहीद पार्क के पास पुलिस ने सौरभ त्रिपाठी को फर्जी IAS बताते हुए रोका।

जांच में सब दस्तावेज़ और पहचान फर्जी निकली, जिससे सौरभ त्रिपाठी की गिरफ्तारी हो गई।

इस संबंध में उच्च अधिकारियों पर भी बड़े सवाल उठते हैं।

छह लग्ज़री कारों के साथ काफिला करने वाला फेक IAS ऑफिसर अब तक कैसे करता रहा मनमानी?

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