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मणिपुर जा सकते हैं प्रधानमंत्री मोदी, सरकारी आकड़ों में अबतक 250 मौतें, 57 हज़ार विस्थापित

मणिपुर के इम्फाल और चुराचंदपुर में पीएम मोदी की संभावित यात्रा की तैयारियां तेज़, कांग्रेस बोली—‘बहुत देर से उठाया कदम’।

 

इम्फाल

मणिपुर में लंबे समय से जारी जातीय संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही राज्य का दौरा कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी की यह यात्रा सितंबर के मध्य में हो सकती है। वे 13-14 सितंबर को असम और मिजोरम के कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और उसी दौरान मणिपुर पहुंचने की संभावना है।

प्रशासन ने शुरू की तैयारियां

राज्य प्रशासन ने प्रधानमंत्री की यात्रा को लेकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं की तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल ने अधिकारियों के साथ संभावित कार्यक्रम को लेकर बैठक की है। इम्फाल का कंगला किला और चुराचंदपुर का पीस ग्राउंड पीएम के कार्यक्रम स्थलों में शामिल हो सकते हैं। इस बीच, पुलिस महानिदेशक ने 7 से 14 सितंबर तक सभी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। संघर्ष से प्रभावित मेइतेई और कूकी समुदाय प्रधानमंत्री की इस यात्रा को अलग-अलग नज़रिए से देख रहे हैं। कूकी जो काउंसिल के प्रवक्ता गिंज़ा वुअलज़ोंग ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री विस्थापित लोगों के शिविरों का दौरा करेंगे और उनकी समस्याओं को समझेंगे।

मणिपुर जा सकते हैं प्रधानमंत्री मोदी

राजनीतिक बयानबाज़ी

कांग्रेस ने इस दौरे को देर से उठाया गया कदम बताया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री को पहले ही मणिपुर आना चाहिए था। दूसरी ओर, भाजपा नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार लगातार शांति बहाली की कोशिश कर रही है और पीएम की यात्रा से सकारात्मक संदेश जाएगा।

मणिपुर में मई 2023 से हिंसा जारी है। मेइतेई और कूकी समुदायों के बीच पहचान और आरक्षण को लेकर शुरू हुए विवाद में अब तक 250 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 57,000 से अधिक लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। हालात बिगड़ने पर फरवरी 2025 में मुख्यमंत्री एन. बिरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू है।

Shashwat Srijan

Content Writer

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