ऑक्सफोर्ड से पढ़ी है Writer संथी बालचंद्रन, लोकाह चैप्टर 1 में मचाया है धमाल
संथी बालचंद्रन ने हाल ही में डोमिनिक अरुण निर्देशित और दुलकर सलमान निर्मित ‘लोकाह चैप्टर 1 – चन्द्र’ में सहलेखन और अभिनय के ज़रिए भारतीय सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई है।
ऑक्सफोर्ड से पढ़ी है संथी बालचंद्रन
केरल के कोट्टायम में जन्मी संथी का बचपन भारत के विभिन्न हिस्सों में गुज़रा, क्योंकि उनके माता-पिता सरकारी सेवाओं में कार्यरत थे। यही अनुभव उनके दृष्टिकोण और लेखन में सांस्कृतिक विविधता और मानवीय संवेदनाओं की गहराई लेकर आया।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, संथी ने 2011 में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से मानवशास्त्र (Anthropology) में पोस्टग्रेजुएशन किया। इससे पहले उन्होंने हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी की थी।
सिनेमा और रचनात्मक सफर
संथी ने अपने करियर की शुरुआत इंडिपेंडेंट प्रोजेक्ट्स से की। 2017 में डोमिनिक अरुण की ‘थरंगम’ से उन्हें पहचान मिली और ‘जल्लीकट्टू’ जैसी चर्चित फिल्मों में उनके अभिनय को सराहना हासिल हुई।
‘लोकाह’ के सह-लेखन में उनका योगदान शानदार है। उनकी अकादमिक पृष्ठभूमि और विजुअल आर्ट्स की ट्रेनिंग ने उन्हें लेखन, अभिनय और कला—तीनों क्षेत्रों में बहुआयामी कलाकार बना दिया है।
समीक्षकों की राय और प्रशंसा
इकनॉमिक टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में फिल्म निर्माता कैलानी प्रियदर्शन ने संथी की तारीफ करते हुए कहा, “वो सिर्फ राइटर ही नहीं बल्कि फिल्म की सबसे बड़ी रचनात्मक ऊर्जा हैं। लेखन से लेकर प्रमोशन तक, उन्होंने इस प्रोजेक्ट को अपना भावनात्मक सपोर्ट दिया है।”
चुनौतियां और भविष्य की योजनाएं
संथी ने भी सार्वजनिक रूप से एक्सेप्ट किया है की ऑक्सफोर्ड की स्टैबल ऐकडेमिक राह छोड़कर कला का रास्ता चुनना उनके परिवार के लिए चुनौतीपूर्ण रहा।
सूत्रों ने संकेत दिए हैं की वह आने वाले समय में ‘संभवा विवरणं नालर संगम’ जैसे प्रोजेक्ट्स में भी रहेंगी। संथी जैसे कलाकारों का उदय इस बात का संकेत है कि भारतीय सिनेमा ऐकडेमिक गहराई, विसुअल आर्ट्स और थिएटर अनुभव मिलकर नए प्रकार के किरदार और कथानक को जन्म दे सकते हैं।