रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए क्या सबसे बेहतर विकल्प सीनियर सिटिज़न सेविंग स्कीम (SCSS) है

आरबीआई के रेपो रेट घटाने के बाद से बैंकों ने अपनी ब्याज दर में बदलाव किए हैं । जहां 2 साल पहले तमाम कमर्शियल बैंक् और स्मॉल फाइनेंस बैंक 8 % या उससे अधिक तक फिक्स डिपाजिट पर ब्याज दे रहे थे वहीं यह दर अब घटकर 6% के आसपास आ गई है। लेकिन ऐसे में आपको अगर यह पता चले कि अब भी कोई ऐसी सरकारी स्कीम है जो फिक्स डिपाजिट पर 8.20% ब्याज दे रही है तब निश्चित तौर पर आप राहत की सांस लेंगे । हम बात कर रहे है सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम की सेविंग स्कीम (SCSS) की ये उन लोगों के लिए एक बेहतरीन निवेश विकल्प है, जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं और सुरक्षित तरीके से नियमित आय पाना चाहते हैं।
क्या है निवेश के शर्ते ब्याज दर
यह योजना खासतौर पर 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए बनाई गई है। वहीं, 55 से 60 वर्ष के बीच के वे व्यक्ति भी इसमें निवेश कर सकते हैं, जिन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ली हो या सुपरऐनुएशन के बाद रिटायर हुए हों। इस योजना में न्यूनतम ₹1,000 से निवेश शुरू किया जा सकता है और अधिकतम सीमा ₹30 लाख तक है। खाता पांच साल की अवधि के लिए खोला जाता है, जिसे तीन साल और बढ़ाया जा सकता है। सरकार हर तिमाही इस योजना पर ब्याज दर तय करती है। फिलहाल, इस पर लगभग 8.2% की ब्याज दर दी जा रही है। ब्याज की राशि हर तीन महीने में सीधे खाते में जमा होती है, जिससे वरिष्ठ नागरिकों को नियमित आय मिलती रहती है।

सीनियर सिटिज़न सेविंग स्कीम न केवल सुरक्षित निवेश का विकल्प है बल्कि इसमें टैक्स बचत का भी फायदा मिलता है। आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत इस योजना में निवेश पर सालाना ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट प्राप्त की जा सकती है। हालांकि, ब्याज पर टैक्स लागू होता है। अगर ब्याज आय पर टीडीएस कटने से बचना हो, तो आप फॉर्म 15H या 15G जमा कर सकते हैं। यह खाता देशभर के डाकघरों के अलावा राष्ट्रीयकृत और चुनिंदा प्राइवेट बैंकों में आसानी से खोला जा सकता है। चूंकि यह योजना सरकार द्वारा समर्थित है, इसलिए इसमें निवेश पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है। इस स्कीम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह वरिष्ठ नागरिकों को गारंटीड रिटर्न और नियमित आय उपलब्ध कराती है। साथ ही, टैक्स बचत का अतिरिक्त लाभ भी मिलता है।
हालांकि, इसमें कुछ सीमाएँ भी हैं। जैसे—अधिकतम निवेश सीमा निर्धारित है, ब्याज दरें समय-समय पर बदली जा सकती हैं और अगर कोई निवेशक समय से पहले खाता बंद करता है तो पेनाल्टी देनी पड़ सकती है। अगर आप रिटायर्ड हैं और चाहते हैं कि आपकी मेहनत की कमाई सुरक्षित रहे और आपको स्थिर आमदनी मिलती रहे, तो सीनियर सिटिज़न सेविंग स्कीम (SCSS) एक भरोसेमंद विकल्प साबित हो सकती है। यह योजना सुरक्षा, स्थिरता और बेहतर ब्याज दर का संतुलन प्रदान करती है, ।