कोलकाता में सेना ने हटाया टीएमसी का विरोध मंच, ममता बोलीं– भाजपा कर रही राजनीति

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में गांधी प्रतिमा के पास तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) द्वारा लगाया गया अस्थायी विरोध मंच सोमवार को सेना द्वारा हटा दिया गया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की साज़िश करार दिया और सेना से निष्पक्ष रहने की अपील की। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा बंगाली भाषी प्रवासी मजदूरों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ बनाए गए मंच को हटवाकर तानाशाही दिखा रही है। उन्होंने कहा कि “मैं सेना को दोष नहीं देती, लेकिन डबल इंजन की सरकार प्रतिशोध की राजनीति कर रही है और सेना का दुरुपयोग कर रही है।”
अनुमति की अवधि सिर्फ दो दिन
रक्षा अधिकारियों के अनुसार, कोलकाता के मैदान क्षेत्र में उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार किसी भी कार्यक्रम के लिए अधिकतम दो दिन की अनुमति स्थानीय सैन्य प्राधिकार देता है। तीन दिन से अधिक समय तक मंच या कार्यक्रम रखने के लिए रक्षा मंत्रालय से अनुमति लेनी होती है।
टीएमसी को केवल दो दिनों की अनुमति मिली थी, लेकिन मंच लगभग एक महीने से लगा हुआ था। आयोजकों को कई बार मंच हटाने का नोटिस दिया गया, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई।
एक अधिकारी ने बताया कि हर सप्ताहांत होने वाले प्रदर्शनों के बाद मंच को हटाना ज़रूरी हो जाता है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
ममता का केंद्र सरकार पर सीधा हमला
ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “यह भाजपा की तानाशाही है। वे सेना का इस्तेमाल करके लोकतंत्र को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। सेना को कोलकाता पुलिस से राय-मशविरा करना चाहिए था। अगर मुझे बुलाया जाता, तो मैं खुद कुछ मिनटों में मंच हटवा देती।”
- टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विपक्ष को दबाने के लिए संस्थानों का दुरपयोग कर रही है।पहले ईडी और सीबीआई का इस्तेमाल करती रही है और अब सेना को भी राजनीतिक हथियार बना रही है।