मुंबई के लालबाग का राजा अब दिल्लीवालों के बीच
लालबाग के राजा के दर्शन करना चाहते हैं और मुंबई जाने की तैयारी कर रहे हैं तो रुक जाइए। अब आपको मुंबई जाने की ज़रूरत नहीं है। लालबाग के राजा खुद दिल्ली आ गए है । सुनने में थोड़ा अजीब लग रहा होगा न, लेकिन यही सच्चाई है। जी हाँ, नेताजी सुभाष प्लेस मेट्रो स्टेशन के पास इस साल भी गणेश चतुर्थी पर ऐसा पंडाल लगा है, जहाँ पूरा माहौल मुंबई की गलियों जैसा है। मेट्रो से बाहर निकलते ही आपको रंग-बिरंगी लाइटें, ढोल-ताशों की धुन और श्रद्धालुओं की भीड़ अपने आप खींच लेगी।

मुंबई में लालबाग का राजा के दर्शन के लिए लोग घंटों लाइन में खड़े रहते हैं। अब वही नजारा दिल्ली में भी है।अगर आप भीड़ से बचना चाहते है तो स्मार्ट टाइमिंग चुन लें, तो आराम से दर्शन हो सकते हैं। सुबह 8 से 11 बजे और 6 से 10 तक दर्शन करने वालों की संख्या कम होती है । शाम को 6 बजे के बाद भीड़ सबसे ज़्यादा होती है।
सबसे मज़ेदार बात यह है कि यहाँ आकर आपको सच में लगेगा की दिल्ली ने कुछ दिनों के लिए मुंबई का दिल उधार ले लिया है। ढोल-नगाड़ों की धुन, बच्चों की खिलखिलाहट, और “गणपति बप्पा मोरया!” की गूंज,सब कुछ एक साथ हो तो त्योहार अपने आप दिल के क़रीब लगने लगता है।किसी भी त्योहार का मज़ा खाने-पीने के बिना अधूरा है।NSP का इलाक़ा वैसे भी खाने-पीने के लिए मशहूर है। पंडाल के आसपास आपको स्वादिष्ट मोदक,वड़ा पाव और पाव भाजी,दिल्ली की अपनी चाट और गोलगप्पे के स्टॉल मिल जाएंगे।
NCR से जुट रही है भीड़
नोएडा से आए कॉलेज स्टूडेंट्स हों या गुड़गाँव से पहुंचे ऑफिस ग्रुप, NSP पंडाल हर किसी के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। रोहिणी और पीतमपुरा जैसे इलाकों से परिवार भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। यहाँ दर्शन के साथ-साथ यह आयोजन मिलन-जुलने का एक ठिकाना भी बन गया है।
भक्ति, संस्कृति और उत्सव का संगम
गणेश चतुर्थी सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि भक्ति, संस्कृति और उत्सव का प्रतीक है। NSP में लालबाग का राजा देखकर यही महसूस होता है कि त्योहार सीमाएँ मिटा देता है। मुंबई की परंपरा अब दिल्लीवालों को उसी एहसास से जोड़ रही है।
लालबाग का राजा दिल्ली में कुछ ही दिनों तक विराजमान रहेंगे। अगर आपने अब तक दर्शन नहीं किए हैं, तो देर न करें। मुंबई का गणेशोत्सव अब सीधे दिल्ली की धड़कन में धड़क रहा है।