‘लौंडा नाच’ क्यों खो रहा है अपनी पहचान! जानिए 19वीं सदी में क्यों हुआ ‘लौंडा नाच’ का जन्म ?

भिखारी ठाकुर के शब्द – “हम नाचते नहीं, हम समाज को आईना दिखाते हैं।” कभी कला का उत्सव था – ‘लौंडा नाच’ बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश की लोक परंपराओं…

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