इंदौर में दूषित पानी से मौतों पर सियासी घमासान, राहुल गांधी पहुंचे पीड़ित परिवारों से मिलने
मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म बना हुआ है।
इसी बीच कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इंदौर दौरे पर पहुंचे हैं।
उनके दौरे को लेकर शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
भागीरथपुरा की दर्दनाक घटना
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में बीते दिनों दूषित पानी पीने से करीब 20 लोगों की जान चली गई थी।
इस घटना के बाद पूरे इलाके में डर और गुस्से का माहौल बन गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी की शिकायतें पहले भी की गई थीं,
लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
राहुल गांधी का इंदौर दौरा
राहुल गांधी जैसे ही इंदौर पहुंचे, पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया।
सुरक्षा कारणों से भागीरथपुरा इलाके को छावनी में बदल दिया गया।
करीब 10 थानों का पुलिस बल तैनात किया गया और कई जगह बैरिकेडिंग की गई।
पुलिस की कोशिश यही रही कि राहुल गांधी तय समय में पीड़ित परिवारों से मिलें
और बिना किसी अव्यवस्था के उनका दौरा पूरा हो सके।
गलियों की छतों पर भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
पीड़ितों से मुलाकात
राहुल गांधी ने पहले बॉम्बे हॉस्पिटल जाकर उन लोगों से मुलाकात की,
जो दूषित पानी पीने के बाद बीमार हुए थे।
इसके बाद वे भागीरथपुरा पहुंचे और उन परिवारों से मिले,
जिन्होंने इस हादसे में अपने परिजनों को खोया है।
इस दौरान राहुल गांधी के साथ कांग्रेस के कुछ ही बड़े नेता मौजूद रहे।
बाकी कार्यकर्ताओं को बैरिकेडिंग के बाहर ही रोक दिया गया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव का बयान
राहुल गांधी के दौरे पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कड़ा बयान दिया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसी घटनाओं पर राजनीति करती है।
मुख्यमंत्री का दावा है कि राज्य सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए
जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की और शुद्ध पानी की सप्लाई शुरू की।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस को अपने शासित राज्यों की स्थिति पर भी ध्यान देना चाहिए।
उनका आरोप है कि राहुल गांधी केवल राजनीतिक फायदा उठाने के लिए इंदौर आए हैं।

राजनीति बनाम संवेदना
इस पूरे मामले में एक तरफ पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहे हैं,
तो दूसरी तरफ सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।
कुछ लोग राहुल गांधी के दौरे को मानवीय संवेदना से जोड़कर देख रहे हैं,
तो कुछ इसे राजनीति बता रहे हैं।
जनता की मांग
इंदौर की जनता चाहती है कि इस घटना से सबक लिया जाए।
लोगों की मांग है कि पानी की नियमित जांच हो,
लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए
और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जाए।
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