850 करोड़ की हिट या प्रोपेगैंडा? ‘धुरंधर’ को लेकर ध्रुव राठी के वीडियो से मचा बवाल

आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर’ इन दिनों लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। जहां एक तरफ फ़िल्म धुरंधर की पूरा ग्रुप सक्सेस एंजॉय कर रहा तो वहीं दूसरी तरफ़ फ़िल्म एक प्रोपेगेंडा में भी शामिल हो गया। फ़िल्म ‘धुरंधर’ वजह सिर्फ इसकी रिकॉर्ड तोड़ कमाई नहीं, बल्कि इससे जुड़ा बढ़ता विवाद है। रिलीज से पहले ही यह फिल्म कई तरह की चर्चाओं में रही थी, लेकिन अब रिलीज के बाद मामले ने ज्यादा जोर पकड़ लिया। मशहूर यूट्यूबर और पॉलिटिकल कमेंटेटर ध्रुव राठी भी इसमें उतर आए है।
फिल्म हिट, लेकिन विवाद भी साथ-साथ
5 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई ‘धुरंधर’ को दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना स्टारर इस स्पाई एक्शन फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन भी किया। पहले खबरें आईं कि फिल्म ने 500 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है, फिर यह कमाई बढ़ते-बढ़ते 850 करोड़ और 22 दिसंबर तक करीब 870 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। यानी कमाई के मामले में फिल्म सुपरहिट साबित हो चुकी है। लेकिन इसी बीच फिल्म को लेकर विवाद भी तेज हो गया। और इस विवाद की सबसे बड़ी वजह बने ध्रुव राठी।

ध्रुव राठी का ट्वीट और विवाद की शुरुआत
ध्रुव राठी ने फिल्म की रिलीज के कुछ समय बाद X पर ट्वीट करते हुए एक पोस्ट लिखा , उन्होंने लिखा कि 300 करोड़ की एक ‘प्रोपेगैंडा फिल्म’ को बर्बाद करने के लिए सिर्फ एक यूट्यूब वीडियो काफी है, और उन्होंने इसकी गारंटी भी दी। इतना ही नहीं, यह भी कहा कि उनका वीडियो उसी रात रिलीज होगा। इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर हलचल मच गई। लोग समझ गए कि ध्रुव राठी ‘धुरंधर’ को लेकर बड़ा खुलासा करने वाले हैं। कई लोगों ने इसे फिल्म को बदनाम करने की कोशिश बताया, तो कुछ ने कहा कि ध्रुव राठी का वीडियो एक नए बवाल को जन्म देगा।
पहले भी उठा चुके हैं सवाल
आपको बता दें, यह पहली बार नहीं था जब ध्रुव राठी ने ‘धुरंधर’ पर सवाल उठाए हों। इससे पहले, जब फिल्म का ट्रेलर रिलीज हुआ था। तब भी उन्होंने इसमें दिखाए गए हिंसक दृश्यों पर आपत्ति जताई थी। उस समय ध्रुव राठी ने कहा था कि ट्रेलर में दिखाई गई हिंसा बेहद खतरनाक है और इसका गलत असर युवाओं पर पड़ सकता है। ट्रेलर के वक्त से ही फिल्म को लेकर दो तरह की राय बन गई थी। एक तरफ फिल्म के समर्थक थे, जो इसे देशभक्ति और रोमांच से भरपूर बता रहे थे, वहीं दूसरी तरफ आलोचक इसे जरूरत से ज्यादा हिंसक और एकतरफा सोच वाली फिल्म कह रहे थे।
20 दिसंबर को ध्रुव राठी ने अपने यूट्यूब चैनल पर वीडियो रिलीज किया। वीडियो का टाइटल था ‘Reality of Dhurandhar Film’। करीब 29 मिनट 31 सेकंड के इस वीडियो में उन्होंने ‘धुरंधर’ को खुलकर ‘प्रोपेगैंडा फिल्म’ बताया। वीडियो में ध्रुव राठी ने फिल्म के डायरेक्टर आदित्य धर की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह फिल्म ‘ताज स्टोरी’ और ‘द बंगाल फाइल्स’ जैसी फिल्मों से भी ज्यादा खतरनाक है। उनके मुताबिक, वो दोनों फिल्में खराब थीं, लेकिन ‘धुरंधर’ ज्यादा खतरनाक इसलिए है क्योंकि यह एंगेजिंग है, यानी दर्शकों को बांधकर रखती है। ऐसे में इसका संदेश और भी गहराई से लोगों के दिमाग में जाता है।
सोशल मीडिया पर दो धड़े
ध्रुव राठी का वीडियो आते ही सोशल मीडिया पर लोग दो हिस्सों में बंट गए। एक तरफ वो लोग हैं जो ध्रुव राठी की जमकर तारीफ कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने फिल्म की सच्चाई सामने रखी और जरूरी सवाल उठाए। वहीं दूसरी तरफ ऐसे लोग भी हैं जो इसे ध्रुव राठी की निजी नाराजगी या ‘खीझ’ बता रहे हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि इस वीडियो से फिल्म को नुकसान नहीं, बल्कि फायदा ही होगा और इसकी कमाई और बढ़ेगी। दो दिन के अंदर इस वीडियो को 1.3 करोड़ से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं, जो खुद इस विवाद की गंभीरता को दिखाता है।
ट्रोलिंग और पलटवार
ध्रुव राठी के वीडियो के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल भी किया गया। कई यूजर्स ने उनके पुराने ट्वीट्स निकालकर निशाना साधा। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि ध्रुव राठी अपने वीडियो पर आने वाले निगेटिव कमेंट्स को डिलीट कर रहे हैं।
इस पर ध्रुव राठी ने एक और पोस्ट किया और साफ किया कि उन्होंने कमेंट सेक्शन सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए खोल दिया है। उन्होंने लिखा, “अब सारे अंधभक्तों और आईटी सेल ट्रोल्स को कुछ भी लिखने से पहले मेरे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करना पड़ेगा। मजे करो।” इसके अलावा, यह भी लिखा कि जैसा पूरा ‘मेल्टडाउन’ हो रहा है और यह उनकी उम्मीद से भी ज्यादा बड़ा है। इस पूरे विवाद में कुछ सेलेब्स की प्रतिक्रिया भी सामने आई। टीवी एक्ट्रेस देवोलीना भट्टाचार्य ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि वह ध्रुव राठी के वीडियो को नजरअंदाज करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन फिर भी ये उनकी फीड में आ जाते हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ध्रुव राठी ‘धुरंधर’ पर बोल रहे हैं, लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं के मुद्दे पर चुप क्यों हैं।