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‘बंगाल का ओवैसी मैं हूं’! हुमायूं कबीर का दावा, 2026 में किंगमेकर बनूंगा

बंगाल का ओवैसी मैं हूं

TMC से सस्पेंड, अब किंगमेकर बनने की तैयारी हुमायूं कबीर की चुनावी भविष्यवाणी”

नई पार्टी की 22 दिसंबर को होगी घोषणा; कहा न TMC को बहुमत मिलेगा, न BJP को, सरकार मेरे समर्थन के बिना नहीं बनेगी

तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि 2026 के विधानसभा चुनाव में न तो टीएमसी और न ही बीजेपी अपने दम पर बहुमत हासिल कर पाएंगी, और ऐसे में वही किंगमेकर बनकर उभरेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नई पार्टी की घोषणा 22 दिसंबर को एक बड़े आयोजन में की जाएगी। हालांकि टीएमसी ने उनके इन दावों को दिवास्वप्न बताकर खारिज कर दिया है।

कोई भी पार्टी 148 सीटें पार नहीं कर पाएगी

हुमायूं कबीर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि “उनकी राजनीतिक गणना साफ बताती है कि 294 सदस्यीय विधानसभा में कोई भी दल 148 सीटें पार नहीं करेगा। उनका दावा है कि उनका संगठन 135 सीटों पर चुनाव लड़ेगा और उतनी सीटें जीतेगा कि सरकार बनाने के लिए उनके समर्थन की जरूरत पड़ेगी। कबीर ने कहा, “चुनाव के बाद मैं किंगमेकर की भूमिका में रहूंगा। मेरे समर्थन के बिना कोई भी सरकार नहीं बन सकती।” उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी का नाम क्या होगा, यह वे अभी नहीं बताएंगे, लेकिन 22 दिसंबर को एक लाख लोगों की मौजूदगी में वह इसे सार्वजनिक करेंगे।

नई पार्टी, 135 सीटें और गठबंधन का संकेत

हुमायूं कबीर ने यह भी दावा किया कि उनके संपर्क कांग्रेस, वामदलों और एआईएमआईएम तक हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि कांग्रेस से औपचारिक बातचीत अभी नहीं हुई है। माकपा के नेता मोहम्मद सलीम ने इस संवाद को आगे बढ़ाने की बात कही है। मुर्शिदाबाद में कांग्रेस और वाम दलों के साथ सीटों के बंटवारे की संभावना पर उन्होंने हामी भरी। उन्होंने यह भी कहा कि “टीएमसी के दो मौजूदा विधायक उनकी प्रस्तावित पार्टी में शामिल होंगे। हालांकि उन्होंने पहचान उजागर नहीं की।”

AIMIM ने समझौते से किया इनकार

हुमायूं कबीर ने दावा किया कि उनके AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी से अच्छे संबंध हैं और मजाक में कहा कि “वे खुद को “बंगाल का ओवैसी” मानते हैं। लेकिन AIMIM ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि वे हुमायूं कबीर के साथ किसी भी चुनावी समझौते पर विचार नहीं कर रहे। पार्टी ने उनके प्रस्ताव को “राजनीतिक रूप से संदिग्ध और वैचारिक रूप से असंगत” बताया। इसके बावजूद हुमायूं कबीर अपनी भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहते रहे कि वे क्षेत्र की राजनीति में नई दिशा देंगे।

बाबरी मस्जिद शैली की मस्जिद के शिलान्यास से बढ़ा विवाद

हुमायूं कबीर को लेकर विवाद तब गहराया जब उन्होंने 6 दिसंबर बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी के दिन मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के मॉडल पर एक मस्जिद की नींव रखी। यह कदम टीएमसी के लिए असहज करने वाला साबित हुआ। पार्टी ने खुद को इस कार्यक्रम से अलग करते हुए कहा कि यह कबीर की निजी पहल है और पार्टी सांप्रदायिक राजनीति का समर्थन नहीं करती। इसके बाद 4 दिसंबर को पार्टी ने उन्हें अनुशासनहीनता और भड़काऊ बयानबाज़ी के आरोप में निलंबित कर दिया। पार्टी नेताओं का कहना है कि कबीर लगातार विवाद पैदा कर रहे थे और यह कदम अनिवार्य हो गया।

दान पेटियों से करोड़ों का चंदा, हुमायूं ने बताई राशि

मस्जिद शिलान्यास को लेकर हुमायूं कबीर ने दावा किया कि इस परियोजना के लिए अब तक लगभग तीन करोड़ रुपये का चंदा इकट्ठा हो चुका है। 12 दान पेटियाँ लगाई गई थीं, जिनमें से 11 पेटियों से 57 लाख रुपये की गिनती हो चुकी है। इसके अलावा QR कोड से 2.47 करोड़ रुपये प्राप्त होने का दावा है। एक पेटी की गिनती अभी बाकी है।

निलंबन के बाद बड़ा यू-टर्न, विधायक पद नहीं छोड़ेंगे

टीएमसी द्वारा सस्पेंड किए जाने के बाद हुमायूं कबीर ने पहले कहा था कि वे विधायक पद से इस्तीफा देकर नई पार्टी पर पूरा ध्यान देंगे। लेकिन 8 दिसंबर को उन्होंने अचानक रुख बदलते हुए कहा कि वे अपनी विधायकी नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि वे जनता द्वारा चुने गए हैं, इसलिए इस्तीफा देना उचित नहीं होगा।

कबीर के विवादित बयान

हुमायूं कबीर शुरुआत से ही विवादित बयानों के लिए जाने जाते हैं। 2025 में बाबरी मस्जिद मॉडल वाली मस्जिद के शिलान्यास को लेकर उन्होंने कहा था कि अगर किसी ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा था कि “100 मुसलमान शहीद होंगे तो 500 को साथ ले जाएंगे।” 2024 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने हिंदू समुदाय को लेकर धमकी भरे बयान भी दिए थे। जिस पर चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस जारी किया।

बाबरी मस्जिद की शैली में मस्जिद बनाने का विवाद 2024 से ही राजनीतिक माहौल गरमा रहा था।

  • नवंबर 2024 में हुमायूं कबीर ने अयोध्या जैसी मस्जिद बनाने का प्रस्ताव रखा।
  • इसके बाद BJP ने मुर्शिदाबाद में राम मंदिर की बात की, जिसे लेकर राजनीतिक माहौल और गर्म हुआ।
  • 2025 में शिलान्यास के पोस्टर सामने आए और विवाद चरम पर पहुँचा।
  • बीजेपी, कांग्रेस और टीएमसी तीनों इस मुद्दे पर अपने-अपने राजनीतिक समीकरण साधते रहे।

TMC का पलटवार

कबीर के दावों को टीएमसी ने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि “वे सिर्फ दिन में सपने देख रहे हैं। टीएमसी के राज्य महासचिव अरूप चक्रवर्ती ने कहा, “उन्हें पहले अपनी ज़मानत बचाने की कोशिश करनी चाहिए। सरकार बनाने की बातें उनकी राजनीतिक हताशा दिखाती हैं।”

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Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

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