Fact Check
Search

आखिर क्यों कहा जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने पत्नी को ‘आनंद का खिलौना’, क्या है इस वीडियो की सच्चाई

आखिर क्यों कहा जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने पत्नी को ‘आनंद का खिलौना’, क्या है इस वीडियो की सच्चाई

 

जगत्गुरु रामभद्राचार्य का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि उन्होंने ‘पत्नी’ को आनंद का खिलौना बताया है। वीडियो में वे अंग्रेज़ी शब्द WIFE का फुल फॉर्म बताते हुए ऐसी टिप्पणी करते दिखाई दे रहे हैं जिस पर लोगों ने कड़ा विरोध जताया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब और कहां का है, लेकिन इसे लेकर इंटरनेट पर घमासान मचा हुआ है।

 

WIFE शब्द की ये है व्याख्या

वायरल क्लिप में रामभद्राचार्य कहते नजर आते हैं कि WIFE के अक्षर ‘Wonderful Instrument For Enjoy’ बनते हैं, जिसका मतलब हुआ— “आनंद के लिए अद्भुत उपकरण, खिलौना।” उनके इस बयान पर कई यूजर्स ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे महिलाओं के प्रति अपमानजनक बताया है।

 

वीडियो में रामभद्राचार्य आगे कहते हैं कि हिंदू धर्म में ‘पत्नी’ का अर्थ होता है जो पति का हर यज्ञ और कार्य में साथ दे। उनका कहना है कि हमारे यहां पत्नी का संबंध सिर्फ आनंद या हनीमून से नहीं, बल्कि धर्म और कर्तव्य से जुड़ा होता है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इस वायरल क्लिप को एडिटेड बता रहे हैं और इसे संदर्भ से हटाकर फैलाने का आरोप भी लगा रहे हैं। हालांकि वीडियो कहाँ और कब का है इसकी अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

 

गौरतलब है कि रामभद्राचार्य अपने बयानों की वजह से पहले भी विवादों में रहे हैं। इससे पहले भी महिलाओं और मुस्लिम समुदाय को लेकर उनकी टिप्पणियों ने बहस छेड़ी थी। इस नए वीडियो के सामने आने के बाद एक बार फिर उनकी बातें चर्चा के केंद्र में हैं।

राम मंदिर ध्वजारोहण को लेकर भी हुई चर्चा?

25 नवंबर को अयोध्या में राम जन्मभूमि पर विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ था जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराया था। इस अवसर पर देश के कई प्रमुख धार्मिक नेता, राजनेता और लगभग 8,000 गणमान्य लोग मौजूद थे। इस कार्यक्रम में बाबरी मस्जिद विवाद के पूर्व पक्षकार इक़बाल अंसारी को भी निमंत्रण मिला, लेकिन रामभद्राचार्य वहां नजर नहीं आए। इस पर भी वे नाराज हुए थे। जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें बुलाया ही नहीं गया।

 

अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि “राम मंदिर आंदोलन में हमने भी योगदान दिया था, लेकिन आज हमें जगह नहीं दी गई।” उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को अपना मित्र बताते हुए कहा कि मित्र के कार्यक्रम में न बुलाए जाने से उन्हें दुख हुआ।

असम में बहुविवाह को लेकर बिल पास, एक से ज्यादा विवाह पर होगी जेल! अगले साल UCC लाने की तैयारी

Shashwat Srijan

Content Writer

Leave a Comment

Your email address will not be published.