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अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर लहराया भगवा धर्मध्वज! पीएम मोदी ने किया ध्वजारोहण, मंदिर निर्माण हुआ पूरा

राम मंदिर

ऐतिहासिक पल का साक्षी बना अयोध्या धाम जय श्री राम का जयघोष से जगमगाया अयोध्या धाम

अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराया- आधिकारिक रूप से
पूरा हुआ निर्माण, भव्य समारोह में शामिल हुए पीएम मोदी

अयोध्या नगरी आज एक ऐसे ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना है जिसकी प्रतीक्षा न जाने कितनी पीढ़ियों ने की थी। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य शिखर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैदिक मंत्रों की ध्वनि और ‘जय श्री राम’ के गगनभेदी नारों के बीच धर्मध्वज फहराया। इसके साथ ही मंदिर का निर्माण भी औपचारिक रूप से पूरा घोषित कर दिया गया है।

ध्वज भगवा रंग का है, आकार में तिकोना, जिसकी लंबाई 20 फुट और चौड़ाई 10 फुट बताई गई है। इस पर सूर्य का प्रतीक, ‘ओम’ और कोविदार वृक्ष की आकृति बनाई गई है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार ये सभी चिह्न भगवान राम की मर्यादा, गरिमा, ज्ञान और सूर्यवंशी परंपरा का प्रतीक हैं।

सभा में मौजूद रहे देश के बड़े नेता और संत

ध्वजारोहण समारोह में प्रधानमंत्री मोदी के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। सबसे आगे बैठे अनेक साधु-संत इस ऐतिहासिक पल पर भावुक दिखाई दिए और कई लोग खुशी के आंसू पोंछते नजर आए। देश-दुनिया से आए लगभग 7 हजार लोग इस पल के साक्षी बने। मोहन भागवत ने कहा, “आज का दिन हम सभी के लिए सौभाग्य का दिन है। जिन लोगों ने इस मंदिर के लिए संघर्ष किया, जिन्होंने अपना बलिदान दिया, आज उनकी आत्मा को शांति मिली होगी।” मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे “भारतीयों के लिए आत्मगौरव और राष्ट्रीय गर्व का दिन” बताया। उन्होंने कहा कि केसरिया ध्वज धर्म, मर्यादा, सत्य, न्याय और राष्ट्रधर्म का प्रतीक है।

ध्वजारोहण का पवित्र मुहूर्त और भव्य अनुष्ठान

यह पूरा आयोजन विवाह पंचमी के शुभ संयोग पर हुआ। तय किए गए अभिजीत मुहूर्त में प्रधानमंत्री मोदी ने मंदिर के शिखर पर स्थापित बटन दबाकर ध्वज फहराया। ध्वज जैसे ही हवा में लहराया, पूरा मंदिर परिसर “जय श्री राम” के नारे से गूंज उठा। अनुष्ठान से पहले वैदिक परंपरा के अनुसार विस्तृत पूजन-विधान हुआ। यज्ञकुंडों में आहुतियों की सुगंध, शंख और नगाड़ों की ध्वनि, पुष्प-वर्षा और दीपों की रोशनी ने पूरे माहौल को दिव्य बना दिया। अयोध्या की सड़कों से लेकर मंदिर परिसर तक हर कोना दीपों, फूलों और रंगोलियों से सजाया गया था।

राम मंदिर निर्माण की आधिकारिक पूर्णता

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने घोषणा की कि धर्मध्वज की स्थापना के साथ राम मंदिर का निर्माण भी औपचारिक रूप से पूरा हो गया है। मंदिर का शिखर पारंपरिक नागर शैली में निर्मित है। पूरे परिसर के चारों ओर 800 मीटर का भव्य परकोटा बनाया गया है, जिस पर भारतीय संस्कृति के 79 प्रसंग और मंदिर की बाहरी दीवारों पर रामायण से जुड़े 87 दृश्य पत्थरों पर उकेरे गए हैं।

सदियों के घाव आज भर रहे हैं

ध्वजारोहण के बाद प्रधानमंत्री मोदी सप्त मंदिरों में पहुंचे और महर्षि वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, माता अहिल्या, निषादराज और शबरी मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद अपने भाषण की शुरुआत उन्होंने “सियावर रामचंद्र की जय” से की। प्रधानमंत्री ने कहा, “आज सदियों की पीड़ा समाप्त हो रही है।

सदियों का संकल्प सिद्ध हो रहा है। यह वह यज्ञ है जिसकी अग्नि 500 वर्ष से जल रही थी और आज उसकी पूर्णाहुति है।” उन्होंने आगे कहा कि “यह ध्वज केवल ध्वज नहीं, बल्कि “भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का प्रतीक” है, जिसका भगवा रंग त्याग और साहस दर्शाता है। सूर्य का चिह्न सूर्यवंश की परंपरा और ओम आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक है।” प्रधानमंत्री ने कहा, “यह ध्वज प्रेरणा देता है कि जो कहा जाए वही किया जाए। यह कर्म प्रधानता का संदेश देता है। यह भेदभाव, पीड़ा और भय से मुक्त समाज की कामना करता है।”

मैकाले की शिक्षा नीति का जिक्र

अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने देश में फैली मानसिक गुलामी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि 1835 में लॉर्ड मैकाले ने ऐसी शिक्षा नीति लागू की जिसने भारतीयों के मन में हीनता की भावना पैदा की और हमारी जड़ों से दूर किया। उन्होंने कहा, “अगले 10 वर्षों में हम सभी को मिलकर मानसिक गुलामी से पूरी तरह मुक्त होना है। जब तक मानसिकता नहीं बदलेगी, तब तक देश अपनी असली पहचान नहीं पा सकेगा।” मोदी ने नौसेना के नए ध्वज का उदाहरण देते हुए कहा कि “देश अपने प्रतीकों को पुनः भारतीय स्वरूप दे रहा है, और यही परिवर्तन आज अयोध्या में भी दिखाई दे रहा है।

परंपरा और आधुनिकता का संगम

प्रधानमंत्री ने कहा कि अयोध्या वह भूमि है जहाँ आदर्श व्यवहार बनते हैं। यही वह स्थान है जहाँ राम युवराज थे और लौटकर मर्यादा पुरुषोत्तम बने। उन्होंने कहा कि “अयोध्या आज फिर से दुनिया के सामने एक आदर्श नगरी बनने जा रही है , “त्रेता युग की अयोध्या ने मानवता को नीति दी थी। 21वीं सदी की अयोध्या विकसित भारत का मेरुदंड बन रही है।”

योगी आदित्यनाथ ने किया राम भक्तों को याद

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि कैसे पिछले 500 वर्षों में साम्राज्य और शासन बदले, लेकिन श्रद्धा और विश्वास अडिग रहा। उन्होंने आरएसएस और करोड़ों राम भक्तों के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि यह दिन उनकी तपस्या और त्याग का फल है। योगी ने कहा, “आज का दिन भारत की आत्मा को गौरव दिलाने वाला है। अयोध्या अब उत्सवों की वैश्विक राजधानी बन रही है।” इस आयोजन में संत-महंत, विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधि, अघोरी अन्य समुदाय के लोग शामिल थे। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने कड़े इंतजाम किए थे। सरयू तट तक हर जगह उत्सव का माहौल था।

Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

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