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दिग्विजय सिंह ने नक्सली हिड़मा के एनकाउंटर पर उठाए सवाल! दिग्विजय वो बयान जिन्होंने हर बार कांग्रेस को मुश्किल में डाला

दिग्विजय सिंह

नक्सली हिड़मा की मौत को ‘फर्जी’ बताने पर दिग्विजय घिरे, विपक्ष का पलटवार तेज!

दिग्विजय सिंह फिर विवादों में नक्सली हिड़मा के एनकाउंटर पर उठाए सवाल, बीजेपी का पलटवार तेज

                                                                                      कांग्रेस के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह एक बार फिर अपने बयान की वजह से सुर्खियों में आ गए हैं। इस बार मामला छत्तीसगढ़ में कुख्यात नक्सली हिड़मा की मौत को लेकर है। सरकार ने इसे बड़ी कार्रवाई बताया था, लेकिन दिग्विजय सिंह ने पूरे घटनाक्रम पर शक जताते हुए इंटरनेट पर एक पोस्ट साझा की। इसके साथ ही उन्होंने आदिवासी सामाजिक कार्यकर्ता सोनी सोढ़ी का एक वीडियो भी लगाकर कहा कि यह एनकाउंटर असली नहीं बल्कि एक तरह की हत्या जैसा है। जैसे ही उनका बयान सामने आया, राजनीतिक गलियारों में बहस शुरू हो गई है।

बीजेपी का हमला

दिग्विजय के ताज़ा बयान ने बीजेपी को फिर मौका दे दिया। बीजेपी नेताओं का कहना है कि दिग्विजय सिंह बार-बार ऐसे लोगों का समर्थन करते दिखते हैं, जिन पर हिंसा और देश विरोधी गतिविधियों के आरोप होते हैं। कालापीपल के बीजेपी विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने कहा कि एनकाउंटर पर सवाल उठाने से पहले उन्हें उन जवानों के बारे में भी सोचना चाहिए जो इस कार्रवाई में शहीद हो गए। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि “जब नरसिंहपुर के इंस्पेक्टर आशीष शर्मा की शहादत हुई, तब दिग्विजय सिंह ने संवेदना तक नहीं जताई। उनके मुताबिक, कम से कम शहीद को श्रद्धांजलि देने की परंपरा तो निभानी ही चाहिए थी।”

पुराने बयान भी बनते रहे हैं विवाद की वजह

यह पहली बार नहीं है जब दिग्विजय सिंह के शब्दों ने उनकी पार्टी को मुश्किल में डाला हो। वह कई बार ऐसे बयान दे चुके हैं जिनसे कांग्रेस को सफाई देनी पड़ी है। मनमोहन सिंह की सरकार के समय उन्होंने कहा था कि सत्ता के दो केंद्र ठीक से तालमेल नहीं बिठा पा रहे। एक तरफ प्रधानमंत्री और दूसरी तरफ सोनिया गांधी। इस टिप्पणी को कांग्रेस के भीतर ही पसंद नहीं किया गया और इसका काफी राजनीतिक नुकसान भी उठाना पड़ा।

सर्जिकल स्ट्राइक

पुलवामा हमले के बाद जब भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक जैसी कार्रवाई की, उस समय देश में माहौल बेहद भावुक था। ऐसे में दिग्विजय सिंह ने सरकार से उसके सबूत मांग लिए। बीजेपी ने इस रवैये को सेना का अपमान कहा। कांग्रेस को उस वक्त भी दूरी बनानी पड़ी और यह साफ करना पड़ा कि दिग्विजय का बयान पार्टी की आधिकारिक लाइन नहीं है। राहुल गांधी ने भी तब कहा था कि “दिग्विजय का बयान उनका निजी विचार है और उससे कांग्रेस सहमत नहीं है। इस पूरे मामले ने बीजेपी को कांग्रेस पर हमला करने का बड़ा अवसर दे दिया था।”

अनुच्छेद 370 पर भी भड़का था विवाद

जब जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया गया, देश भर में इस फैसले की खूब चर्चा हुई। लेकिन दिग्विजय सिंह ने इसे गलत बताया और कहा कि यदि कभी कांग्रेस सत्ता में आई तो इस फैसले पर फिर से विचार होना चाहिए। यही नहीं, उन्होंने एक पाकिस्तानी पत्रकार से बात करते हुए 370 बहाल करने का संकेत भी दे दिया था। इस बयान के बाद कांग्रेस को फिर से सफाई देनी पड़ी कि यह उनका व्यक्तिगत मत है, पार्टी इससे सहमत नहीं। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री होने के बावजूद उनके बयान ने पार्टी की छवि को नुकसान पहुँचाया।

हिंदुओं को लेकर टिप्पणी

धार्मिक मामलों पर बोलते समय भी दिग्विजय सिंह कई बार विवादों में घिरते रहे हैं। एक बार उन्होंने हिंदुओं के बारे में ऐसी टिप्पणी कर दी, जिससे माहौल गर्म हो गया। उन्होंने वीर सावरकर का नाम जोड़कर गाय के मांस से संबंधित बातें कही थीं, जिसे राजनीतिक वर्ग ने पूरी तरह गलत बताया। इस तरह की बातें अक्सर भाजपा को मौका देती रही हैं, कि वह कांग्रेस को निशाने पर ले कस सके।

आरएसएस की तुलना कट्टरपंथी संगठन से

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर उनका रुख पहले से ही विवादित रहा है। एक बयान में उन्होंने आरएसएस को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) जैसे संगठन के बराबर बता दिया। यह तुलना इतनी तीखी थी कि बीजेपी ने इसे देश की सबसे सम्मानित संगठनों में से एक का अपमान कहा। इतना ही नहीं, उन्होंने ओसामा बिन लादेन को “ओसामा जी” कहकर संबोधित किया था और कहा था कि उसे सम्मानजनक तरीके से दफनाया जाना चाहिए। यह बात सामने आते ही सोशल मीडिया से लेकर संसद तक बहस छिड़ गई थी।

बाटला हाउस मुठभेड़

दिल्ली के चर्चित बाटला हाउस एनकाउंटर में एक पुलिस अधिकारी शहीद हुए थे। लेकिन दिग्विजय सिंह ने इस पूरी कार्रवाई को संदिग्ध बताया और कहा कि यह असली मुठभेड़ नहीं हो सकती। इस बयान के बाद पुलिस विभाग से लेकर राजनीतिक दलों तक में आक्रोश दिखाई दिया। इन बयानों की वजह से कई बार ऐसा लगा कि कांग्रेस को अपना रुख स्पष्ट रखने से ज़्यादा दिग्विजय सिंह के शब्दों को साफ़ करने में मेहनत लगानी पड़ती है।

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Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

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