SIR पर घमासान के बीच कांग्रेस मंत्री ने लोगों से वोटर लिस्ट जांचने आए BLO को रोकने की अपील की; BJP ने कहा, “कानून तोड़ने की सलाह देने वाले मंत्री को तुरंत बर्खास्त करो।”

देशभर में एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर पहले ही घमासान मचा हुआ है । अब नया टकराव झारखंड में देखने को मिल रहा है। SIR को लेकर विपक्ष और सत्ताधारी दलों के बीच पहले ही टकराव चल रहा था, लेकिन अब कांग्रेस नेता और झारखंड सरकार में मंत्री इरफान अंसारी के बयान ने माहौल और गर्म कर दिया है। उन्होंने ऐसा बयान दे दिया, जिसने राज्य की राजनीति को हिला कर रख दिया है।
दरअसल, एक जनसभा के दौरान इरफान अंसारी ने लोगों से अपील की, कि अगर BLO आपके घर आए तो उसे अंदर बंद कर दो, और फिर उन्हें फोन करके बुलाओ। यह बयान सामने आते ही विपक्ष, खासकर बीजेपी, उनकी कड़ी आलोचना करने लगी है।
क्या बोले मंत्री इरफान अंसारी?
सभा में इरफान अंसारी ने दावा किया कि BLO घर-घर जाकर लोगों के वोटर लिस्ट से नाम काट रहे हैं। उन्होंने लोगों को चेतावनी भरे अंदाज़ में कहा, “BLO अगर आपके घर आए तो उसे बंद कर दो। ताला मार दो और मुझे फोन करो। मेरे आने के बाद ही ताला खुलना चाहिए।” इरफान का कहना था, कि वोटर लिस्ट से नाम हटाने का मतलब है कि आपकी पहचान छिन जाएगी, और भविष्य में कई सरकारी सुविधाओं में दिक्कत होगी। उन्होंने यहां तक कह दिया कि, “आपका नाम आधार कार्ड से काट दिया तो आपका बैंक खाता भी बंद हो सकता है। बिहार में 65 लाख लोगों का नाम काट दिया गया। आप सबको घुसपैठिया बना दिया जाएगा।” इरफान अंसारी यहीं नहीं रुके। उन्होंने दावा किया कि SIR पहले बंगाल में लागू किया जाएगा और फिर झारखंड में। लोगों को संदेश देते हुए उन्होंने कहा, “किसी भी कीमत पर BLO को आपका नाम मत काटने दीजिए। अगर वो ऐसा करने आए, तो रोक दो और मुझे बुलाओ।”
BJP का तीखा हमला
मंत्री के बयान पर बीजेपी ने कड़ा विरोध जताया है। बीजेपी प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि “यह बयान न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि पूरी तरह असंवैधानिक भी है।” प्रतुल शाहदेव ने कहा, “मंत्री ने संविधान की रक्षा करने की शपथ ली है, लेकिन वह खुद लोगों को कानून तोड़ने की सलाह दे रहे हैं। ऐसे मंत्री को तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए।” बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस लगातार SIR को लेकर गलत जानकारी फैला रही है, लोगों को डर दिखा रही है और झूठे दावे करके माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि BLO पर हमला या उन्हें रोकने जैसी बातें लोकतंत्र के लिए खतरा हैं।
SIR को लेकर क्या है विवाद?
पिछले कुछ समय से SIR पर विपक्ष का कहना है, कि यह योजना लोगों की नागरिक पहचान को प्रभावित कर सकती है। कांग्रेस और कुछ अन्य दल दावा कर रहे हैं कि इस प्रक्रिया में कई लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा सकते हैं। या उन्हें संदिग्ध नागरिक की तरह ट्रीट किया जा सकता है। हालांकि, सरकार बार-बार सफाई दे रही है कि SIR पूरी तरह औपचारिक और कानूनी प्रक्रिया है। और इसका किसी की नागरिकता से कोई लेना-देना नहीं।लेकिन राजनीतिक बयानबाज़ी ने इस विषय को बेहद संवेदनशील बना दिया है।
लेकिन इरफान अंसारी का बयान सीधे तौर पर उनके काम पर सवाल उठाता है। यह भी डर है, कि इस तरह के बयान के बाद लोग BLO पर शक करेंगे। और उनके साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं बढ़ सकती हैं। साथ ही आपको ये भी बता दें कि, यह पहली बार नहीं है जब इरफान अंसारी किसी विवादित बयान के चलते चर्चा में आए हों, लेकिन इस बार बात बेहद संवेदनशील है। लोग BLO के साथ पहले ही सावधानी से पेश आते हैं, ऊपर से ऐसे बयान स्थिति को और मुश्किल बना सकते हैं।