Air Force Officer अफशा: जानिए एक बहादुर पत्नी और ऑफिसर की भावुक कहानी

दुबई एयर शो के दौरान हुआ तेजस फाइटर जेट का हादसा देश के लिए एक गहरी चोट की तरह है। इस दुर्घटना में भारतीय वायुसेना के युवा और प्रतिभाशाली अधिकारी विंग कमांडर नमांश स्याल ने अपनी जान गंवा दी। 21 नवंबर को अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शो चल रहा था, तभी तेजस जेट कम ऊँचाई पर अचानक कंट्रोल खो बैठा और नीचे गिर गया। हादसे के बाद विमान में आग लग गई। और विंग कमांडर नमांश को बचाया नहीं जा सका। नमांश की पत्नी अफशा भी एयर फोर्स में अधिकारी है। इस दुखद घटना के बाद भारतीय वायुसेना ने तुरंत इसकी कोर्ट ऑफ इंक्वायरी यानी जांच के आदेश दे दिए हैं, ताकि पता लग सके कि विमान आखिर क्यों क्रैश हुआ।
कौन हैं विंग कमांडर अफशा
विंग कमांडर नमांश की पत्नी विंग कमांडर अफशा खुद एयरफोर्स की अधिकारी हैं। हादसे के समय वह कोलकाता में ट्रेनिंग कर रही थीं। जैसे ही उन्हें दुबई एयर शो में हादसे की खबर मिली, पहले तो वह सन्न रह गईं। फिर तुरंत परिवार से जुड़ीं और हिमाचल के कांगड़ा पहुंचीं।
जब अफशा आखिरी सलामी देने आईं, वो पूरा पल लोगों की आंखों में आँसू ला देने वाला था। यूनिफॉर्म पहने, सीधी खड़ी अफशा ने अपने पति को वही सैन्य सम्मान दिया। हर किसी को लगा जैसे एक पत्नी नहीं, बल्कि एक बहादुर सैनिक अपने साथी सैनिक को अंतिम सलामी दे रहा है।
परिवार के सदस्य ने कहा
हादसे के अगले ही दिन भारतीय वायुसेना के छह अधिकारी जब स्याल परिवार के घर पहुंचे, पिता जगन्नाथ स्याल समझ गए कि कुछ बड़ा अनहोनी हो चुकी है।उन्होंने बताया, कि गुरुवार को ही उनकी नमांश से बात हुई थी। नमांश ने उत्साह से कहा था कि, “मेरा एयर शो टीवी या यूट्यूब पर देखना” लेकिन अगले ही दिन जब उनके पिता यूट्यूब पर वीडियो ढूंढ रहे थे, उन्हें क्रैश की खबर मिली।
नमांश के पिता जगन्नाथ स्याल रिटायर्ड स्कूल प्रिंसिपल हैं। कुछ दिन पहले ही वे और उनकी पत्नी कोयंबटूर गए थे, जहाँ नमांश की 7 साल की बेटी आर्या रह रही थी। माँ बीना देवी और पिता दोनों पोती की देखभाल कर रहे थे, जबकि उनकी बहू अफशा ट्रेनिंग में व्यस्त थीं। परिवार को न सिर्फ बेटे का चला जाना तोड़ गया, बल्कि यह भी दुख रहा कि नमांश ने अपने जीवन के इतने बड़े सपने अंतरराष्ट्रीय शो में तेजस उड़ाने के दौरान ही दम तोड़ दिया।

हिमाचल के पैतृक गांव में अंतिम संस्कार
नमांश का अंतिम संस्कार हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के पटियालकर गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। गांव वालों, रिश्तेदारों, सेना के अफसरों और आम नागरिकों की बड़ी भीड़ नमांश को विदा करने पहुँची। जब उनकी बेटी आर्या, पत्नी अफशा और माता-पिता ने अंतिम दर्शन किए, पूरा माहौल भावुक हो उठा। देशभर के लोग सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
नमांश स्याल कौन थे?
विंग कमांडर नमांश स्याल, उम्र सिर्फ 34 वर्ष, भारतीय वायु सेना के उन चुनिंदा अफसरों में से थे जो तेजस जैसे अत्याधुनिक फाइटर जेट उड़ाते हैं। वे हैदराबाद एयरबेस पर पोस्टेड थे, स्याल अपनी फिटनेस, परिश्रम और शानदार उड़ान रिकॉर्ड के लिए जाने जाते थे। वे टेकऑफ, लो-लेवल फ्लाइंग और जटिल एयर शो करतबों में उनका कौशल बेहतरीन माना जाता था। उनके साथी अक्सर कहा करते थे, कि नमांश दबाव में भी बेहद शांत रहते थे।