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पाकिस्तान बनाएगा समुद्र में पहला आर्टिफिशियल आइलैंड! ट्रंप ने समर्थन में क्या कहा?

पाकिस्तान बना रहा समुद्र में पहला आर्टिफिशियल आइलैंड , तेल की खोज को मिलेगी रफ्तार अरब सागर में बड़ा प्रोजेक्ट शुरू।

Pakistan Artificial Island Oil Project

पाकिस्तान ने समुद्री इलाके में एक बड़ा और अहम कदम उठाया है। शहबाज शरीफ की सरकार ने अरब सागर में एक आर्टिफिशियल आइलैंड बनाने की मंजूरी दे दी है। इस आइलैंड का इस्तेमाल तेल और गैस की खोज के लिए एक मजबूत और स्थायी प्लेटफॉर्म की तरह किया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी पाकिस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड (PPL) को दी गई है।

ट्रम्प ने किया है समर्थन

ये फैसला ऐसे वक्त में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुलकर पाकिस्तान को तेल खोज में समर्थन देने की बात कही थी। ट्रंप ने जुलाई में कहा था कि “अगर पाकिस्तान के समुद्र में छिपा तेल मिला, तो उसे दुनिया के कई देश, यहां तक कि भारत भी खरीद सकता है।”

कहाँ बनेगा ये आर्टिफिशियल आइलैंड?

रिपोर्ट के मुताबिक, यह आइलैंड सिंध के तट से लगभग 30 किलोमीटर दूर एक जगह बन रहा है। यह इलाका सुजावल कहलाता है, जो कराची से करीब 130 किलोमीटर दूर है।

द्वीप को समुद्र की तेज और ऊंची लहरों से बचाने के लिए इसे लगभग 6 फीट ऊंचा बनाया जा रहा है। पहले समुद्री ड्रिलिंग कई बार खराब मौसम में रुक जाती थी और करोड़ों का नुकसान होता था।

नया आइलैंड इस समस्या को खत्म कर सकता है क्योंकि यह एक स्थिर प्लेटफॉर्म की तरह काम करेगा, जहां भारी मशीनों को सुरक्षित रखकर 24 घंटे ड्रिलिंग की जा सकेगी। उम्मीद है कि आइलैंड फरवरी तक तैयार हो जाएगा।

Donald Trump Support Pakistan Oil

खर्च 33% तक घटेगा

मैटिस ग्लोबल की रिपोर्ट के मुताबिक, जब भारी मशीनरी समुद्र की लहरों पर डोलने वाले जहाज़ों पर चलाई जाती थी, तो कई बार काम रुक जाता था।

लेकिन स्थिर प्लेटफॉर्म (आइलैंड) बनने से ड्रिलिंग का खर्च लगभग 33% तक कम हो सकता है। हवा, बारिश या तूफान जैसी बाधाएँ अब कम असर डालेंगी।

25 तेल-कुएँ खोदने की तैयारी

पाकिस्तान का प्लान काफी बड़ा है। आर्टिफिशियल आइलैंड बनते ही अरब सागर में 25 नए तेल-कुएँ खोदे जाएंगे।

अगर इनमें से कुछ भी सफल हुआ, तो पाकिस्तान की ऊर्जा समस्या को काफी राहत मिल सकती है।

पाकिस्तान के समुद्र में मिला बड़ा तेल भंडार

यह प्रोजेक्ट अचानक नहीं शुरू हुआ। पिछले साल पाकिस्तान ने समुद्र में एक बड़े तेल और गैस भंडार के मिलने का दावा किया था। तीन साल के सर्वे के बाद यह जानकारी सामने आई।

कुछ रिपोर्टों के अनुसार यह भंडार दुनिया का चौथा सबसे बड़ा तेल और गैस रिज़र्व भी हो सकता है।

  • दुनिया में सबसे ज्यादा तेल वेनेजुएला के पास है।
  • अमेरिका के पास सबसे शुद्ध तेल माना जाता है।

अगर पाकिस्तान को इतना बड़ा भंडार मिला, तो उसकी ऊर्जा नीति पूरी तरह बदल सकती है।

तेल निकालने में लगेगा समय

समुद्र के अंदर से तेल निकालना आसान नहीं। सिर्फ शोध और ड्रिलिंग स्टडी पर ही 42 हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

वास्तविक तेल और गैस निकालने में 4–5 साल लग सकते हैं, और पाइपलाइन व स्टोरेज बनाने में और भी पैसा लगेगा।

ब्लू वॉटर इकॉनमी के लिए आशा

पाकिस्तान के अधिकारियों का मानना है कि यह प्रोजेक्ट देश की ब्लू इकॉनमी को नई दिशा देगा। समुंदर आधारित व्यापार, मछली उद्योग, पोर्ट गतिविधियाँ और तेल-गैस खोज से बड़ी आमदनी हो सकती है।

Arabian Sea Oil Search Pakistan

पाकिस्तान की मौजूदा हालत

पाकिस्तान तेल भंडार के मामले में दुनिया में 50वें स्थान पर है। उसे 80% से ज्यादा तेल आयात करना पड़ता है और वह भी डॉलर में।

2019 का ‘केकरा-1’ ड्रिलिंग प्रोजेक्ट फेल होने के बाद एक्सॉन मोबिल जैसी बड़ी विदेशी कंपनियाँ पाकिस्तान से हट गई थीं। लेकिन नए भंडार की उम्मीद ने फिर निवेश को आकर्षित किया है।

ट्रंप का समर्थन

ट्रंप ने पाकिस्तान के तेल प्रोजेक्ट की खुलकर तारीफ की है और कहा है कि अमेरिका इसमें साथ देगा।

अगर तेल मिला, तो इससे—

  • विदेशी निवेश बढ़ सकता है
  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहतर खरीददार मिल सकते हैं
  • भारत भी तेल खरीद सकता है

ट्रंप ने यहां तक कहा— “अगर पाकिस्तान के समुद्र से अच्छा तेल निकला, भारत भी खरीदार बन सकता है।”

Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

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