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CJI गवई ने फेयरवेल में कह दी ये बात! ! धर्मनिरपेक्षता और बौद्ध धर्म पर भी खुलकर बोले मुख्य न्यायाधीश

सीजेआई गवई

सीजेआई गवई ने कहा—बौद्ध धर्म का पालन करता हूं, पर हर धर्म में मेरी आस्था है; 23 नवंबर को रिटायर होकर जिम्मेदारी सौंपेंगे न्यायमूर्ति सूर्यकांत को

CJI Gavai Retirement

मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई जल्द ही अपने पद से रिटायर होने वाले हैं। रिटायरमेंट से ठीक पहले सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन ने उनके सम्मान में एक फेयरवेल कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में सीजेआई गवई ने कुछ ऐसी बातें कहीं, जिन्होंने सभी का ध्यान खींच लिया है।

बौद्ध धर्म का पालन करते हैं सीजेआई

गवई ने खुद को धर्मनिरपेक्ष बताते हुए कहा कि वह सभी धर्मों में आस्था रखते हैं। उन्होंने कहा—
“मैं बौद्ध धर्म का पालन करता हूं, लेकिन मैंने किसी भी धर्म की गहराई से पढ़ाई नहीं की। मैं खुद को एक धर्मनिरपेक्ष इंसान मानता हूं। सभी धर्मों में मेरी आस्था है।”

उन्होंने बताया कि इस विचारधारा की सीख उन्हें अपने पिता से मिली, जो डॉ. भीमराव अंबेडकर के अनुयायी थे और सभी धर्मस्थलों—दरगाह, गुरुद्वारा, मंदिर—का सम्मान करते थे।

CJI Gavai Speech

41 साल की न्यायिक यात्रा

सीजेआई गवई ने कहा कि 41 वर्षों की न्यायिक सेवा को वह संतोषपूर्वक देख रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह 23 नवंबर को पद छोड़ देंगे और उसी दिन अपनी जिम्मेदारी न्यायमूर्ति सूर्यकांत को सौंपेंगे।

उन्होंने कहा कि उनके और जस्टिस सूर्यकांत के शुरुआती जीवन में कई समानताएं हैं—दोनों सामान्य परिवारों से आते हैं और दोनों ने सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की है।

गवई बोले—
“मैं महाराष्ट्र के अमरावती के नगरपालिका स्कूल में पढ़ा हूं, और सूर्यकांत जी हिसार के सरकारी स्कूल में। हम साधारण पृष्ठभूमि से आए हैं और इस मुकाम तक पहुंचे हैं।”

सीजेआई के रूप में छह महीने का कार्यकाल

जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई देश के 52वें मुख्य न्यायाधीश हैं। उन्होंने 14 मई को पद संभाला था और उनका कार्यकाल लगभग 6 महीने 6 दिनों का रहा।

हालांकि, वह पिछले साढ़े छह वर्षों से सुप्रीम कोर्ट में जज के रूप में सेवा दे रहे थे और इस दौरान कई बड़े मामलों और अहम फैसलों का नेतृत्व किया।

कौन संभालेगा जिम्मेदारी?

सुप्रीम कोर्ट के नियम के अनुसार, सबसे वरिष्ठ जज अगला सीजेआई बनता है। इस आधार पर जस्टिस सूर्यकांत 23 नवंबर को गवई के रिटायर होते ही देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश बनेंगे।

गवई ने ही सूर्यकांत के नाम की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी थी, जिसे राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी।

जस्टिस सूर्यकांत का कार्यकाल 24 नवंबर 2025 से 9 फरवरी 2027 तक रहेगा। 10 फरवरी को वह 65 वर्ष पूरे करेंगे—जो सुप्रीम कोर्ट जजों की रिटायरमेंट आयु है।

गवई का जीवन

CJI गवई की जीवन यात्रा बेहद प्रेरणादायक मानी जाती है। वह बचपन से ही संविधान, सामाजिक न्याय और मानवता के मूल्यों के करीब रहे हैं।

उन्होंने कहा—
“मेरे पिता समाज में समानता के लिए काम करते थे। उन्हीं मूल्यों से मुझे प्रेरणा मिली और न्यायपालिका में आते ही मैंने इन्हीं सिद्धांतों को आगे बढ़ाया।”

Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

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