‘गोवंश काटने वाले की गर्दन काट दो’: लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर का दावा — ‘लखनऊ में किसी की हैसियत नहीं मेरी बात काट सके’

लोनी के बीजेपी विधायक नंदकिशोर गुर्जर एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। सहारनपुर में आयोजित ‘सनातन चेतना सम्मेलन’ के दौरान उन्होंने भाषण में कई कट्टर और विवादित टिप्पणियाँ कीं।
देवी-देवताओं का मजाक उड़ाया जा रहा है — गुर्जर
गुर्जर ने मंच से कहा कि देशभर में हिंदू देवी-देवताओं का मजाक उड़ाया जा रहा है और हिंदू चुपचाप यह सब देखते रहते हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हिंदू समाज “चुप रहने की आदत छोड़कर जवाब देना सीखे।”
गोवंश को लेकर उग्र बयान
अपने भाषण के दौरान उन्होंने गोवंश संरक्षण को लेकर अत्यंत विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति “गोवंश काटता हुआ मिले तो उसकी गर्दन काट दो।” उन्होंने दावा किया कि ऐसा करना “कानून हाथ में लेना नहीं” माना जाएगा और इसे “हर हिंदू का कर्तव्य” बताया।
समुदाय विशेष पर निशाना
गुर्जर ने भाषण में जनसंख्या असंतुलन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पश्चिमी यूपी के कई इलाकों में एक समुदाय की आबादी “तेजी से बढ़ रही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि कैराना में यदि हिंदू एकजुट होकर वोट करते, तो हालात आज अलग होते।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि वाल्मीकि और पासी समाज को क्षेत्र में अधिक बसाया जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर भी आरोप लगाया कि “कश्मीर में जिहादी ताकतों को वही बढ़ावा देती रही है।”
‘लखनऊ में किसी की हैसियत नहीं…’
गुर्जर ने दावा किया कि लखनऊ में किसी की भी ‘हैसियत’ नहीं है कि उनकी बात काट सके। उन्होंने कहा कि, “जितनी मुख्यमंत्री की चलती है, उससे कम मेरी भी नहीं चलती।”
उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है और विपक्ष ने इसे “उकसाने वाला, खतनाक और कानून व्यवस्था के खिलाफ” बताया है।