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नौगाम ब्लास्ट – हादसा था या लापरवाही? उपराज्यपाल ने जांच के आदेश दिए, 9 मौत का कौन है जिम्मेदार

अमोनियम नाइट्रेट

अमोनियम नाइट्रेट की जांच के दौरान अचानक हुआ विस्फोट, सरकार ने इसे हादसा बताया; पीड़ित परिवारों के लिए सहायता और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू!

Naugam Police Station Blast

श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में देर रात हुए जोरदार धमाके ने पूरे जम्मू–कश्मीर को हिला दिया है। इस घटना में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 29 लोग घायल हैं। पुलिस स्टेशन की इमारत का बड़ा हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। आसपास के इलाकों में भी धमाके का असर साफ दिखा।

शुरुआत में इस घटना को आतंकी हमला बताया जा रहा था, लेकिन जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, यह स्पष्ट हो गया कि यह किसी आतंकी मॉड्यूल का हमला नहीं, बल्कि परीक्षण के दौरान हुआ एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा था।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश

जम्मू–कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों के लिए हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है और उन्होंने इस विस्फोट की वजहों की जांच के निर्देश तुरंत दे दिए हैं।

उन्होंने कहा— “नौगाम पुलिस स्टेशन में हुआ धमाका बेहद दर्दनाक है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। प्रशासन पूरे समय परिवारों के साथ खड़ा है।”

ब्लास्ट कैसे हुआ?

जैसे ही जांच आगे बढ़ी, यह स्पष्ट हो गया कि धमाका किसी आतंकी संगठन द्वारा ट्रिगर नहीं किया गया था। जम्मू–कश्मीर पुलिस के डीजीपी नलिन प्रभात ने बताया कि विस्फोट पूरी तरह एक दुर्घटना था।

स्टेशन में रखी विस्फोटक सामग्री बनी हादसे की वजह

डीजीपी ने बताया कि फरीदाबाद से जब्त की गई विस्फोटक सामग्री—विशेष रूप से अमोनियम नाइट्रेट—को मानक सुरक्षा प्रक्रिया के तहत नौगाम थाने में रखा गया था। विशेषज्ञ टीम उसकी सैंपलिंग और जांच कर रही थी।

लेकिन अमोनियम नाइट्रेट की संवेदनशील प्रकृति के कारण परीक्षण के दौरान अचानक रासायनिक प्रतिक्रिया हुई और जोरदार विस्फोट हो गया।

Explosion impact

विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि थाने का बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो गया। आसपास की इमारतों की खिड़कियां टूट गईं और कई घरों में दरारें आ गईं।

मृतकों में कई विभागों के अधिकारी

धमाके में केवल पुलिस विभाग ही नहीं, बल्कि कई अन्य एजेंसियों के अधिकारी और कर्मी भी शामिल थे। वे उस समय परिसर में मौजूद थे जब जांच का काम चल रहा था।

दिल्ली लाल किला ब्लास्ट से जुड़ी जांच भी चल रही थी वहीं

यह घटना ऐसे समय में हुई जब नौगाम पुलिस स्टेशन में दिल्ली लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए धमाके से जुड़े आरोपियों की पूछताछ चल रही थी।

उसी मामले में जब्त किया गया विस्फोटक भी नौगाम थाना परिसर में ही जांच के लिए रखा गया था। हालांकि, जांच में साफ हो गया कि नौगाम का ब्लास्ट किसी आतंकी हमले का हिस्सा नहीं था, बल्कि परीक्षण के दौरान हुआ एक बड़ा हादसा था।

Naugam Blast CCTV Footage

सीसीटीवी में कैद हुआ धमाका

घटना थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फुटेज में तेज रोशनी, आग की लपटें और कुछ ही सेकंड में मलबे का फैलना स्पष्ट दिखता है। विस्फोट की तीव्रता इतनी अचानक थी कि उपस्थित लोग खुद को संभाल भी नहीं सके।

नौगाम पुलिस स्टेशन पिछले कई महीनों से जैश-ए-मोहम्मद के ‘सफेदपोश’ मॉड्यूल और अन्य आतंकी मामलों की जांच का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां बड़ी मात्रा में डिजिटल सबूत, जब्त हथियार और विस्फोटक सामग्री रखी जाती थी।

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Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

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