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नौगाम ब्लास्ट ,’ट्रैप्ड मेकैनिज़्म’ या सुरक्षा में चूक? प्रतिबंधित संगठन PAFF ने ली घटना की जिम्मेदारी !

श्रीनगर में नौगाम थाने पर भीषण धमाका! 9 की मौत, 24 से ज्यादा घायल — दिल्ली विस्फोट जैसा खौफ

फरीदाबाद से जब्त 360 किलो विस्फोटक की सैंपलिंग के दौरान हुआ जोरदार ब्लास्ट; धमाके की आवाज़ कई किलोमीटर तक गूंजी, आसपास के घरों की खिड़कियां टूटीं

श्रीनगर नौगाम ब्लास्ट

श्रीनगर में सोमवार रात एक बड़ा धमाका हुआ, जिसने पूरे कश्मीर को दहला दिया। यह विस्फोट श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन के अंदर हुआ। धमाके में 9 लोगों की मौत हो गई और 29 लोग घायल हुए, जिनमें कई पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।

धमाका उस समय हुआ जब अधिकारी और तकनीकी टीमें बरामद विस्फोटकों की जांच कर रही थीं। विस्फोट इतना तेज था कि इसकी आवाज़ कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। आसपास के कई घरों की खिड़कियां टूट गईं और दीवारों में भी दरारें पड़ गईं।

घटना का दृश्य देखकर लोगों को हाल ही में हुए दिल्ली लाल किला धमाके की याद आ गई, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई थी। श्रीनगर धमाके की तस्वीरें और वीडियो भी बेहद भयावह हैं—धूल, धुआं, चीखें और अफरा-तफरी।

कैसे हुआ धमाका?

अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि धमाका कैसे हुआ, लेकिन प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह विस्फोट फरीदाबाद से जब्त किए गए विस्फोटक की सैंपलिंग के दौरान हुआ। इसमें अमोनियम नाइट्रेट शामिल था।

विशेषज्ञ टीम सैंपलिंग कर रही थी, लेकिन उसकी रासायनिक प्रतिक्रिया का अंदाज़ा नहीं लग पाया और अचानक जोरदार धमाका हो गया। एफएसएल टीम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अन्य अधिकारी वहीं मौजूद थे।

फरीदाबाद विस्फोटक केस

आतंकी ग्रुप ने किया दावा

सूत्रों के अनुसार विस्फोटक तभी फट सकता है जब उसमें डेटोनेटर या फ्यूज का इस्तेमाल हो। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े PAFF नामक आतंकी ग्रुप ने हमले की जिम्मेदारी ली है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

फरीदाबाद का मामला

इस विस्फोट की सबसे बड़ी कड़ी फरीदाबाद से बरामद हुए 2900 किलो विस्फोटक हैं। इनमें से 358 किलो आरडीएक्स बताया जा रहा है। इन्हें डॉ. मुजम्मिल गनई के किराए के घर से जब्त किया गया था, जो गिरफ्तार आरोपियों में से एक है।

इनमें से लगभग 360 किलो विस्फोटक जांच के लिए नौगाम पुलिस स्टेशन लाया गया था। अब यह स्पष्ट नहीं है कि पूरा विस्फोटक वहीं था या कुछ हिस्सा अन्यत्र रखा गया था, लेकिन धमाका सैंपलिंग के दौरान ही हुआ।

धमाका इतना भयानक क्यों हुआ?

  • क्या सैंपल लेते समय कोई तकनीकी गलती हुई?
  • क्या विस्फोटक पहले से किसी रासायनिक प्रतिक्रिया में था?
  • या यह किसी ‘ट्रैप्ड मेकैनिज़्म’ का हिस्सा था, जो छूते ही सक्रिय हो जाता है?

क्योंकि जब्त किया गया विस्फोटक बेहद संवेदनशील था, इसलिए जरा-सी गलती भी बड़े हादसे की वजह बन सकती है।

नौगाम धमाका

आसपास के इलाकों में दहशत

धमाके की आवाज़ छानपोरा, सनतनगर, रावलपोरा और पंथा चौक तक सुनाई दी। लोग घरों से बाहर निकल आए। कई घरों की खिड़कियां टूट गईं और दीवारों में दरारें पाई गईं।

लोगों ने कहा— “हमने जीवन में इतना जोरदार धमाका कभी नहीं सुना।”

क्या दिल्ली वाले धमाके से कनेक्शन है?

जांच एजेंसियों को संदेह है कि श्रीनगर धमाका उसी मॉड्यूल की कड़ी हो सकता है जो दिल्ली धमाके में शामिल था।

दोनों जगहों पर बरामद विस्फोटक, उसका पैटर्न और उसके इस्तेमाल का तरीका काफी हद तक एक जैसा दिख रहा है। इसलिए दोनों मामलों की जांच अब एक साथ की जा सकती है।

सबसे बड़ा नुकसान यह हुआ है कि धमाके से कई अहम सबूत नष्ट हो गए, जिससे वास्तविक साजिश को समझने में कठिनाई आएगी।

कश्मीर में पिछले महीनों में सामने आए “सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल” सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती बने हुए हैं — इनके पास तकनीकी ज्ञान भी है और संसाधन भी।

Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

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