अल-फलाह यूनिवर्सिटी की सदस्यता रद्द की, यूनिवर्सिटी की फंडिंग को लेकर उठ रहे सवाल
दिल्ली धमाकों को लेकर चर्चा में रही अल-फलाह यूनिवर्सिटी को लेकर एक बड़ी खबर है। एआईयू ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी की सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट भी बंद कर दी है। फरीदाबाद स्थित इस यूनिवर्सिटी को लेकर हाल के दिनों में सामने आए विवादों ने इसके आचरण पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अल-फलाह यूनिवर्सिटी को अब ‘नॉट इन गुड स्टैंडिंग’ पाया गया, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई।

गुमराह करने का आरोप
इसके साथ ही एनएएसी ने भी यूनिवर्सिटी को कारण बताओ नोटिस भेज दिया है। आरोप है कि संस्थान ने अपनी वेबसाइट पर पुरानी मान्यता को सक्रिय दिखाकर छात्रों और अभिभावकों को गुमराह किया। परिषद ने प्रशासन से सात दिनों के भीतर जवाब मांगा है कि क्यों उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई न की जाए और भविष्य के मूल्यांकन से इसे अयोग्य घोषित न किया जाए।
यूनिवर्सिटी की फंडिंग पर भी संदेह
इसी बीच, दिल्ली बम धमाके और फरीदाबाद में भारी मात्रा में विस्फोटक मिलने के बाद यूनिवर्सिटी की फंडिंग पर भी संदेह गहराया है। जांच एजेंसियाँ — ईडी और आर्थिक अपराध शाखा — अब यूनिवर्सिटी के बैंक खातों और फंडिंग स्रोतों की जांच करेंगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संस्थान को पैसा किन स्रोतों से मिल रहा था और क्या इसका किसी आतंकी नेटवर्क से संबंध है।

खुफिया एजेंसियों ने भी इस दिशा में सतर्क किया है। उनके अनुसार, यूनिवर्सिटी में जम्मू-कश्मीर के छात्रों की संख्या अधिक है और खाड़ी देशों से फंडिंग आने की भी चर्चा है, जिसकी पुष्टि के लिए विस्तृत जांच जरूरी मानी जा रही है।
इन घटनाक्रमों के बीच यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों से फिलहाल किसी भी बैंक खाते में फीस जमा न करने की अपील की है और कहा है कि आगे की जानकारी जल्द जारी की जाएगी।