मतगणना से 24 घंटे पहले ही सामने आए! आंकड़े रिकॉर्ड वोटिंग, महिलाओं की भागीदारी, और एग्जिट-पॉल का झुकाव राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की ओर क्या बदलाव का विकल्प होगा या सत्ता बनी रहेगी?

14 नवंबर को सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू, शाम तक तय होगा नतीजा
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे आने में अब कुछ ही घंटे बाकी हैं। 14 नवंबर शुक्रवार की सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी और सुबह 9 बजे से शुरुआती रुझान आने लगेंगे। पहले चरण में पोस्टल बैलेट की गिनती होगी, उसके बाद EVM मशीनों को खोला जाएगा। राज्य के सभी 38 जिलों के मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं। उम्मीद है कि शाम तक अंतिम परिणाम सामने आ जाएगा।
रिकॉर्ड वोटिंग, एग्जिट पोल और जनता की चुप्पी
इस बार बिहार में रिकॉर्ड वोटिंग हुई है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, दोनों चरणों की औसत वोटिंग लगभग 68% रही, जो पिछले विधानसभा चुनावों से अधिक है। बड़ी बात यह रही कि महिलाओं ने पुरुषों से ज़्यादा मतदान किया, जिससे चुनावी समीकरणों पर बड़ा असर पड़ सकता है।

एग्जिट पोल ने दिखाई NDA की बढ़त
11 नवंबर की रात आए एग्जिट पोल्स में लगभग सभी चैनलों और सर्वे एजेंसियों ने NDA की सरकार वापसी की भविष्यवाणी की।
- Axis My India के सर्वे में NDA को 121 से 141 सीटें।
- Today’s Chanakya ने 160 से अधिक सीटें।
- जबकि India Today – My Axis ने भी NDA को स्पष्ट बहुमत दिया।
- वहीं, महागठबंधन (RJD, कांग्रेस ) को 90 से 110 सीटों के बीच आंका गया है। लेकिन एग्जिट पोल्स के बाद तेजस्वी यादव ने दावा किया कि “18 नवंबर को मैं मुख्यमंत्री पद की शपथ लूंगा।”उनका कहना है कि एग्जिट पोल हमेशा एकतरफा नहीं होते, जनता इस बार बदलाव के मूड में है।
महिलाओं की बंपर वोटिंग
इस बार मतदान का सबसे बड़ा चेहरा महिलाएं रहीं। कई जिलों में महिला वोटिंग प्रतिशत 70% से भी ज्यादा रहा। विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में महिलाएं सुबह से ही लाइन में लगकर वोट डालती दिखीं। NDA ने अपने प्रचार में “महिला सुरक्षा और जनकल्याण योजनाओं” पर जोर दिया था, जबकि विपक्ष ने “महंगाई, रोजगार और शिक्षा” जैसे मुद्दे उठाए। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि महिलाओं ने किस पर भरोसा जताया।
नतीजों की पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि बिहार के सभी जिलों में कुल 243 सीटों के लिए 38 केंद्रों पर मतगणना होगी। सुरक्षा के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। हर केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे, वीडियोग्राफी और दोहरी निगरानी व्यवस्था होगी ताकि कोई भी गड़बड़ी न हो। इसके अलावा हर विधानसभा क्षेत्र में 14-14 टेबलों पर एक साथ गिनती होगी ताकि परिणाम जल्दी मिल सके।
वोटिंग आंकड़ों ने एग्जिट पोल की सटीकता पर उठाए सवाल
हालांकि मतदान प्रतिशत को देखकर राजनीतिक जानकारों ने एग्जिट पोल पर सवाल उठाए हैं। कहावत है — “जब मतदान ज्यादा होता है, तो सत्ता पलटती है।”अगर यह कहावत बिहार में सही साबित हुई, तो नतीजे एग्जिट पोल्स को झुठला सकते हैं।
महागठबंधन के नेताओं का कहना है कि सरकार ने महिलाओं को 10,000 रुपए “काम के बदले सहायता” देने का वादा करके चुनाव से ठीक पहले उन्हें प्रभावित करने की कोशिश की। विपक्ष का आरोप है कि यह एक तरह की “घूस राजनीति” थी, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है। दूसरी ओर, NDA का कहना है कि यह “महिला सशक्तिकरण योजना” का हिस्सा था और इसका कोई चुनावी मकसद नहीं था।
किस क्षेत्र में किसका पलड़ा भारी?
उत्तर बिहार में पारंपरिक रूप से RJD मजबूत मानी जाती है। यहाँ दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, सीतामढ़ी जैसे जिलों में महागठबंधन का प्रदर्शन बेहतर माना जा रहा है। दक्षिण बिहार में पटना, नालंदा, भोजपुर और गया जैसे जिलों में NDA का प्रभाव रहा है, लेकिन इस बार यहाँ भी मत प्रतिशत बढ़ा है। सीमांचल इलाका (कटिहार, किशनगंज, अररिया) मुस्लिम बहुल है, और यहां का रुझान महागठबंधन के पक्ष में बताया जा रहा है।वहीं, पूर्वी बिहार के भागलपुर और मुंगेर में मुकाबला कड़ा है।
आर्थिक मुद्दे बने चुनाव का केंद्र
इस बार का चुनाव केवल जाति और गठजोड़ की राजनीति पर नहीं, बल्कि रोजगार, महंगाई और शिक्षा जैसे मुद्दों पर लड़ा गया। बिहार में युवाओं की संख्या अधिक है, और पिछले कुछ वर्षों में रोजगार संकट बड़ा विषय रहा है।
आने वाले चुनावों पर असर
बिहार का यह चुनाव केवल राज्य के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी संकेत देगा। क्योंकि बिहार में जो रुझान बनता है, वह अक्सर देश की राजनीति को भी दिशा देता है।
2026 में होने वाले पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम चुनावों पर भी इसका असर दिख सकता है। अगर NDA फिर से जीतती है, तो यह केंद्र सरकार के लिए बड़ी राहत होगी। लेकिन अगर महागठबंधन ने अप्रत्याशित जीत हासिल की, तो यह संदेश जाएगा कि जनता बदलाव चाहती है। लोगों की नज़रें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या नीतीश कुमार एक और पारी खेलेंगे, या तेजस्वी यादव बिहार की राजनीति में नया अध्याय लिखेंगे। आपको बता दें, 14 नवंबर को सुबह 8 बजे मतगणना शुरू होगी।