‘साले को हटा देंगे!’ क्यों बरसे CM मोहन यादव? “सचिव की क्या औकात है? काम नहीं करेगा तो जाएगा।”
भोपाल के जंबूरी मैदान में मंगलवार को आयोजित सरपंच महासम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पंचायत व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनके इस बयान को लेकर थोड़ा विवाद भी हो गया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई सचिव या सहायक सचिव काम नहीं करेगा तो उसे तुरंत हटा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने तल्ख लहजे में कहा, “सचिव-सहायक सचिव की क्या औकात है? काम नहीं करेगा तो जाएगा।” उनके इस बयान पर सभा में मौजूद सरपंचों ने तालियों से स्वागत किया।
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सरपंचों को दिलाया विश्वास
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सरपंचों को भरोसा दिलाया कि अगर सरकार के किसी फैसले से सरपंचों को दिक्कत होती है, तो उसे ठीक करने का काम भी सरकार ही करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की सुविधा के लिए है, इसलिए किसी भी निर्णय के क्रियान्वयन में अगर कठिनाई आती है तो उसे दूर किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सरपंचों से कहा कि सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि जब सरपंच बैठते हैं तो सचिव और रोजगार सहायक को भी मौजूद रहना चाहिए, क्योंकि त्रिस्तरीय शासन प्रणाली में सरपंच की भूमिका बेहद अहम है। सरपंचों के पास जो ताकत है, वह बड़े-बड़े पदों पर बैठे लोगों के पास भी नहीं होती।
दिल्ली धमाकों में मारे गए लोगों को दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में हुए ब्लास्ट में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने दो मिनट का मौन रखवाते हुए कहा कि हमें इस घटना को भूलना नहीं चाहिए, क्योंकि देश की प्रगति से दुश्मन कई तरीकों से नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि इतने बड़े देश में प्रधानमंत्री ने पिछले 10-11 सालों में हर वर्ग की चिंता की है। उन्होंने कहा कि देश को पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर पूरा भरोसा है। सीएम ने कहा, “जब लाल सलाम को आखिरी सलाम हो रहा है तो बाकी लोग कहां टिकेंगे, सब अपने-अपने ठिकाने लग जाएंगे।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की तस्वीर और तकदीर गांवों के बिना नहीं बदल सकती। उन्होंने बताया कि पंचायतों के माध्यम से कुटीर और लघु उद्योगों को जोड़कर सरकार लंबी अवधि की योजना बना रही है।