नतीजों से पहले ही कांग्रेस ने मान ली हार! बिहार में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शकील अहमद ने दिया इस्तीफा
बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे 14 नवंबर को आने वाले हैं, लेकिन उससे पहले ही कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता डॉ. शकील अहमद ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। आज दूसरे चरण की वोटिंग खत्म होने के बाद जहां एग्जिट पोल में एनडीए की वापसी की भविष्यवाणी की जा रही है, वहीं कांग्रेस के इस कदम ने पार्टी के भीतर मची हलचल पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
कांग्रेस अध्यक्ष को लिखा पत्र
डॉ. शकील अहमद ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर इस्तीफा भेजा है। उन्होंने लिखा कि वे पहले ही तय कर चुके थे कि अब कभी चुनाव नहीं लड़ेंगे। उनके तीनों बेटे कनाडा में हैं और राजनीति में नहीं आना चाहते। उन्होंने कहा कि वे जीवनभर कांग्रेस की नीतियों और सिद्धांतों के समर्थक रहेंगे, लेकिन अब संगठन से दूरी बनाना चाहते हैं।


संगठन में बैठे लोगों से नाराजगी
अपने पत्र में उन्होंने साफ किया कि वे किसी दूसरी पार्टी में शामिल नहीं हो रहे हैं। अहमद ने कहा कि उनका मतभेद पार्टी की नीतियों से नहीं, बल्कि संगठन में बैठे कुछ व्यक्तियों से है। उन्होंने मतदान खत्म होने के बाद ही इस्तीफे की घोषणा की ताकि इससे चुनाव के दौरान कोई गलत संदेश न जाए। ऐसा माना जा रहा है कि नतीजों से पहले इस इस्तीफे ने कांग्रेस खेमे में चिंता बढ़ा दी है — मानो पार्टी ने मैदान छोड़ने की तैयारी अभी से कर ली हो!

पीढ़ियों से जुड़ा कांग्रेस से परिवार
शकील अहमद ने बताया कि उनका परिवार पीढ़ियों से कांग्रेस से जुड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके दादा स्वर्गीय अहमद गफूर 1937 में कांग्रेस विधायक बने थे, जबकि उनके पिता शकूर अहमद 1952 से 1977 के बीच पांच बार विधायक चुने गए। पिता के निधन के बाद शकील अहमद खुद भी 1985 के बाद पांच बार कांग्रेस से विधायक और सांसद बने।
अहमद ने कहा कि उन्होंने पार्टी की सदस्यता छोड़ने का निर्णय पहले ही ले लिया था, लेकिन इसकी घोषणा उन्होंने मतदान खत्म होने के बाद की ताकि कोई गलत संदेश न जाए। उन्होंने लिखा कि वे नहीं चाहते थे कि उनके फैसले से कांग्रेस को एक भी वोट का नुकसान हो। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि वे किसी दूसरी पार्टी में शामिल नहीं होंगे और जीवनभर कांग्रेस की विचारधारा के समर्थक बने रहेंगे।
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