क्या दिल्ली धमाकों को ‘Act of War’ मानकर कार्रवाई करेगी मोदी सरकार! राजनाथ सिंह ने क्या संकेत दिया!
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आश्वासन: “दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा”, प्रमुख जाँच एजेंसियां कर रहीं गहन पड़ताल; रिपोर्ट जल्द होगी सार्वजनिक।

दिल्ली में लालकिला के पास हुए धमाके के बाद सरकार आतंकियों पर सख्त कार्रवाई करने के मूड में है। प्रारंभिक जांच में इस धमाके का संबंध हरियाणा के फरीदाबाद में सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद के मॉड्यूल से जुड़ा बताया गया है। धमाके में 12 लोगों की मौत हुई है। सरकारी सूत्रों ने कहा है कि भारत की जमीन पर होने वाली कोई भी आतंकी कार्रवाई “युद्ध की कार्रवाई (Act of War)” मानी जाएगी और “ऑपरेशन सिंदूर” अब भी जारी है।
जांच रिपोर्ट जल्द होगी सार्वजनिक
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “देश की प्रमुख जांच एजेंसियां तेजी से और गहराई से जांच कर रही हैं। जल्द ही जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।” उन्होंने आश्वासन दिया, “जो भी इस वारदात के जिम्मेदार हैं, उन्हें किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।” दिल्ली के भीड़भाड़ वाले पुराने इलाके में लालकिला के पास हुए जोरदार धमाके के बाद मंगलवार को फॉरेंसिक टीम ने कार के मलबे की गहन जांच की। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह i20 कार उमर मोहम्मद नाम के व्यक्ति की थी, जो जम्मू-कश्मीर के पुलवामा का रहने वाला है।

क्या घबराकर किया धमाका
पुलिस सूत्रों के अनुसार, उमर पेशे से डॉक्टर है और धमाके से पहले घबरा गया था, क्योंकि जांच एजेंसियों ने हाल ही में उसके मॉड्यूल के दो अहम सदस्यों — डॉ. मुजम्मिल शकील और डॉ. आदिल राथर — को गिरफ्तार किया था। इन गिरफ्तारियों के दौरान फरीदाबाद में 2,900 किलो संदिग्ध विस्फोटक बरामद किए गए थे।
सूत्रों का कहना है कि उमर एक कट्टरपंथी डॉक्टरों के ग्रुप से जुड़ा था, जो टेलीग्राम पर सक्रिय था और पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से संपर्क में था। मुजम्मिल और आदिल समेत आठ लोगों को जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़े “व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल” के आरोप में हिरासत में लिया गया है, जो कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में फैला हुआ था।
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