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कौन है डॉक्टर शाहीन? जिसे बताया जा रहा है जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग की इंडिया हेड !

डॉक्टर शाहीन दिल्ली धमाका

फरीदाबाद से मिली भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री ने देशभर की एजेंसियों को सतर्क किया, जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग ‘जमात-उल-मोमिनात’ से जुड़ी डॉक्टर शाहीन की गिरफ्तारी के बाद जांच में नए खुलासे।

डॉक्टर शाहीन

दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे आतंक का बड़ा नेटवर्क सामने आता जा रहा है। इस मामले ने न सिर्फ दिल्ली बल्कि पूरे देश की सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। जांच में सामने आया है कि यह धमाका जैश-ए-मोहम्मद के नेटवर्क से जुड़ा हुआ है, जिसमें डॉक्टर, प्रोफेसर और तमाम पढ़ें लिखे लोग शामिल हैं। अब इस नेटवर्क की महिला सदस्य डॉ. शाहीन की गिरफ्तारी की गई है।

आतंकी नेटवर्क का हिस्सा

जांच एजेंसियों ने दावा किया है कि डॉ. शाहीन आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की महिला इकाई ‘जमात-उल-मोमिनात’ का हिस्सा थी। उसे भारत में महिला विंग खड़ा करने की जिम्मेदारी दी गई थी। शाहीन का नाम पहले से गिरफ्तार आतंकी डॉक्टर मुजम्मिल अहमद से पूछताछ के बाद सामने आया। उसी की निशानदेही पर फरीदाबाद से करीब 2900 किलो विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी।

जांच में यह भी पता चला कि शाहीन की स्विफ्ट कार का इस्तेमाल मुजम्मिल आतंकी गतिविधियों के लिए करता था। शाहीन के पाकिस्तान में बैठे हैंडलर से संपर्क और फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में उसकी नौकरी ने एजेंसियों को और सतर्क कर दिया है।

पाकिस्तान से सीधा संपर्क

सूत्रों के मुताबिक, शाहीन लगातार पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर के संपर्क में थी। शादी के बाद 2015 में तलाक होने के बाद उसने फरीदाबाद की यूनिवर्सिटी में काम शुरू किया। उसके पिता सईद अहमद अंसारी ने बताया कि उन्हें अपनी बेटी की गतिविधियों की जानकारी नहीं थी। उनका कहना है कि उन्होंने कभी मुजम्मिल का नाम तक नहीं सुना था।

महिलाओं को आतंकी गतिविधियों में शामिल करने की साजिश

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद अब महिलाओं को भी आतंकी गतिविधियों में शामिल कर रहा है। संगठन के सरगना मसूद अजहर ने कुछ साल पहले ही ‘जमात-उल-मोमिनात’ नाम की महिला शाखा शुरू की थी। इस विंग की कमान सादिया अजहर के पास है, जो मसूद अजहर की रिश्तेदार है। उसका पति यूसुफ अजहर वही आतंकी था जो कंधार विमान अपहरण में शामिल था और इस साल मई में पाकिस्तान के बहावलपुर में मारा गया। इसी महिला विंग का भारतीय चेहरा डॉ. शाहीन बताई जा रही है। वह भारत में महिलाओं को कट्टरपंथ की ओर ले जाकर संगठन में भर्ती करने का काम कर रही थी।

घाटी के कॉलेजों पर बढ़ी निगरानी

शाहीन की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों को शक है कि जम्मू-कश्मीर में महिला आतंकी मॉड्यूल सक्रिय हो सकता है। इसलिए अब घाटी के कॉलेजों, यूनिवर्सिटीज़ और निजी संस्थानों पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर बढ़ा दी गई है।

भाई भी पुलिस की गिरफ्त में

शाहीन की गिरफ्तारी के बाद जांच टीम लखनऊ पहुंची, जहां एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उसके घर और आसपास के इलाकों में छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने शाहीन के भाई डॉ. परवेज अंसारी को भी हिरासत में ले लिया।

फरीदाबाद से बरामद 2900 किलो विस्फोटक

दिल्ली धमाके से कुछ दिन पहले ही फरीदाबाद से लगभग 2900 किलो विस्फोटक सामग्री बरामद हुई थी। यह कार्रवाई पहले से गिरफ्तार डॉक्टर मुजम्मिल की निशानदेही पर की गई थी। मुजम्मिल की गिरफ्तारी के बाद सामने आया कि उसकी कार डॉ. शाहीन के नाम पर रजिस्टर्ड थी। इसके बाद पुलिस ने शाहीन को भी गिरफ्तार कर लिया।

मुजम्मिल और शाहीन का संबंध

दोनों डॉक्टर—मुजम्मिल और शाहीन—फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े थे। मुजम्मिल वहां साढ़े तीन साल से जनरल फिजिशियन के रूप में काम कर रहा था और यूनिवर्सिटी परिसर में ही रहता था। डॉ. शाहीन की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी सामने आई है। उसने प्रयागराज के मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से 1996 में एमबीबीएस में दाखिला लिया था और 2002 में पढ़ाई पूरी की। बाद में उसने एमडी (फार्माकोलॉजी) की डिग्री हासिल की।

नौकरी में रहते हुए बढ़ी कट्टर सोच

2006 में यूपी लोक सेवा आयोग से चयनित होकर शाहीन कानपुर मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर बनी। बाद में उसका ट्रांसफर कन्नौज और फिर 2013 में दोबारा कानपुर कर दिया गया। यहीं से उसकी गतिविधियाँ संदिग्ध होने लगीं। बताया जाता है कि उसने कुछ विदेशी संपर्क बनाए और धीरे-धीरे कट्टर विचारधारा से जुड़ गई। लगातार अनुपस्थित रहने और संदिग्ध गतिविधियों के चलते 2021 में सरकार ने उसकी नौकरी समाप्त कर दी।

परिवार भी जांच के घेरे में   

शाहीन की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उसके पिता सईद अहमद अंसारी से पूछताछ की। उन्होंने बताया कि “वह पिछले डेढ़ साल से शाहीन से नहीं मिले थे। वह फरीदाबाद में रह रही थी, लेकिन उन्होंने कभी मुजम्मिल या उसके नेटवर्क के बारे में नहीं सुना।” सईद अंसारी के मुताबिक, शाहीन तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर है। उसका भाई परवेज भी डॉक्टर है और लखनऊ में रहता है। परिवार को इस बात का अंदेशा नहीं था कि शाहीन इतने खतरनाक नेटवर्क से जुड़ चुकी है।

धार्मिक संगठनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग 

लाल किले धमाके के बाद कई मुस्लिम संगठनों ने सरकार से घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने इस धमाके पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि अगर यह आतंकी वारदात है, तो यह सुरक्षा तंत्र की गंभीर नाकामी है। उन्होंने पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और निष्पक्ष जांच की मांग की। वहीं जमात-ए-इस्लामी हिंद (JEIH) के अध्यक्ष सैयद सदातुल्ला हुसैनी ने भी घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि यह घटना राष्ट्रीय राजधानी की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करती है। साथ ही उन्होंने पीड़ितों को उचित मुआवजा देने और दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की।

NIA को मिली जांच की जिम्मेदारी

इस पूरे मामले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई है। एजेंसी ने फरीदाबाद, लखनऊ और जम्मू-कश्मीर में एक साथ छापेमारी शुरू की है। जांचकर्ताओं का ध्यान अब पुलवामा के डॉक्टर मुजम्मिल गनई और डॉ. शाहीन सईद पर केंद्रित है, जो इस नेटवर्क के प्रमुख सदस्य माने जा रहे हैं।

NIA के अनुसार, यह नेटवर्क जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़ा हुआ है। इस सफेदपोश मॉड्यूल में तीन डॉक्टर समेत आठ लोग शामिल थे, जो विभिन्न राज्यों में सक्रिय थे।

Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

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