ऑनलाइन बेटिंग एप से जुड़ा मामला, ईडी ने दो पूर्व क्रिकेटरों पर मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत कसा शिकंजा।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना और शिखर धवन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने दोनों खिलाड़ियों की करीब 11.14 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर ली है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत की गई।
ईडी का कहना है कि “दोनों खिलाड़ियों ने ऑनलाइन बेटिंग एप 1xBet के प्रचार से जो कमाई की, उसे निवेश और संपत्ति खरीदने में इस्तेमाल किया गया था। जांच एजेंसी के मुताबिक, रैना के म्यूचुअल फंड में लगभग 6.64 करोड़ रुपये और धवन की संपत्ति में 4.5 करोड़ रुपये की राशि पाई गई, जिसे “अपराध से अर्जित संपत्ति (Proceeds of Crime)” माना गया है।”
सितम्बर में पूछताछ हुई थी कई सेलेब्रिटीज से
यह मामला नया नहीं है। इससे पहले सितंबर 2025 में ईडी ने इस केस में कई नामचीन हस्तियों से पूछताछ की थी, जिनमें युवराज सिंह, रॉबिन उथप्पा, सोनू सूद, मिमी चक्रवर्ती और अंकुश हाजरा जैसे नाम शामिल थे। इसके अलावा कई ऑनलाइन इन्फ्लुएंसर्स से भी सवाल किए गए थे।
ईडी ने सभी से PMLA की धारा 50 के तहत पूछताछ की और उनके बैंक ट्रांजैक्शन की जानकारी जुटाई। इन अकाउंट्स से यह पता चला कि 1xBet से प्रमोशन और एडवर्टाइजमेंट फीस के रूप में पैसे लिए गए थे। कुछ हस्तियों ने रकम को “ब्रांड प्रमोशन फीस” बताया, लेकिन एजेंसी को शक है कि ये पैसे अवैध स्रोतों से आए थे।
उर्वशी रौतेला को भी भेजा गया था नोटिस
ईडी ने जांच के दौरान बॉलीवुड अभिनेत्री उर्वशी रौतेला को भी पूछताछ के लिए बुलाया था। वह उस समय विदेश में थीं, इसलिए पेश नहीं हो सकीं। दरअसल, उर्वशी रौतेला 1xBet इंडिया की एंबेसडर रही हैं। एजेंसी को शक है कि इस कंपनी ने भारत में विज्ञापन और प्रमोशन के ज़रिए लोगों को अवैध बेटिंग में जोड़ा।

कोर्ट की मंजूरी के बाद होगी चार्जशीट
ईडी के अधिकारियों ने बताया कि जब्ती आदेश अब PMLA के एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी को भेजा जाएगा। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद इस केस में चार्जशीट दाखिल की जाएगी। कानून के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति की संपत्ति अवैध कमाई से जुड़ी पाई जाती है, तो उसे फ्रीज या जब्त किया जा सकता है ताकि आरोपी उसका उपयोग न कर सके।
1xBet क्या है और क्यों विवादों में है?
1xBet रूस आधारित एक पुराना ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म है, जो पिछले 18 सालों से दुनिया भर में सक्रिय है। यह खेल आयोजनों, कैसिनो और गेम्स पर दांव लगाने की सुविधा देता है। कंपनी दावा करती है कि उसके पास 70 भाषाओं में वेबसाइट और ऐप मौजूद हैं, लेकिन भारत में यह प्लेटफॉर्म गैरकानूनी (Illegal) है।
भारत में ऑनलाइन बेटिंग पर रोक है, क्योंकि इससे टैक्स चोरी, ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। ईडी की जांच में सामने आया कि 1xBet ने भारत में प्रचार के लिए सेलिब्रिटीज़ को मोटी रकम दी और कई फर्जी अकाउंट्स के ज़रिए पैसा देश से बाहर भेजा गया।
सरकार का रुख – अब नहीं चलेगा ऑनलाइन सट्टेबाज़ी का खेल
भारत सरकार ने हाल ही में पास हुए ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के तहत ऐसे सभी बेटिंग ऐप्स पर पाबंदी लगा दी है। इस कानून के मुताबिक, कोई भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अगर पैसों पर आधारित खेल या दांव लगाने की सुविधा देता है, तो उसे तुरंत बंद किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इन ऐप्स की वजह से लोगों को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक नुकसान हो रहा है। कई लोग गेमिंग की लत में फंसकर अपनी बचत गंवा बैठे हैं। कुछ मामलों में आत्महत्या जैसी घटनाएं भी सामने आईं।
सुप्रीम कोर्ट और केंद्र का नजरिया
2017 में सुप्रीम कोर्ट ने फैंटेसी गेम्स जैसे Dream-11 को “स्किल गेम” बताया था, यानी यह सट्टा नहीं बल्कि कौशल पर आधारित है। लेकिन 1xBet, रमी, पोकर, और सट्टे वाले ऐप्स को कोर्ट ने कभी भी कानूनी मान्यता नहीं दी। केंद्र सरकार का कहना है कि ये प्लेटफॉर्म समाज में एक गंभीर समस्या बन रहे हैं। संसद के मानसून सत्र में आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था, “ऑनलाइन मनी गेम्स की वजह से लोगों की बचत खत्म हो रही है। यह लत अब नशे की तरह फैल रही है।” वैष्णव के अनुसार, लगभग 45 करोड़ भारतीय किसी न किसी रूप में इससे प्रभावित हुए हैं और 20,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की आर्थिक हानि हो चुकी है।
मनी लॉन्ड्रिंग और नेशनल सिक्योरिटी
ईडी की जांच सिर्फ टैक्स चोरी तक सीमित नहीं है। एजेंसी का मानना है कि ऐसे प्लेटफॉर्म्स के ज़रिए विदेशों में पैसे ट्रांसफर किए गए, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी खतरा पैदा हो सकता है। यह पैसा आगे क्रिप्टो करेंसी और शेल कंपनियों के ज़रिए घुमाया गया, ताकि असली स्रोत का पता न चल सके। इसी कारण से एजेंसी ने कई बैंक अकाउंट्स को फ्रीज किया और संबंधित लोगों से लगातार पूछताछ जारी रखी है।
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