बिहार उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के काफिले पर किसने फेंके गोबर और चप्पल ! डिप्टी CM बोले कार्रवाई नहीं हुई तो ‘अनशन’ करूँगा!
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के दौरान लखीसराय जिले से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां मतदान के बीच उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के काफिले पर हमला किया गया। बताया जा रहा है कि जब वे एक बूथ पर स्थिति का जायजा लेने पहुंचे, तभी कुछ लोगों ने उनके काफिले पर गोबर और चप्पल फेंक दिए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रशासन पर भी लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं।
क्या हुआ था
लखीसराय जिले के हलसी प्रखंड के खुरियारी गांव में मतदान के दौरान बड़ा विवाद हो गया। एक केंद्र पर भाजपा का पोलिंग एजेंट मौजूद नहीं था, जिसकी शिकायत पर वे मौके पर पहुंचे थे।
जांच के दौरान कुछ ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए उन पर कीचड़ फेंका और नारेबाजी की, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसके तुरंत बाद, पास के नदियावां इलाके में भी उनके काफिले पर गोबर और पत्थर फेंके गए। इसी दौरान, विजय सिन्हा का सामना राजद के एमएलसी अजय सिंह से हो गई, जो देखते ही देखते तीखी बहस में बदल गई। मौके पर हुए इस विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
बहस के दौरान विजय सिन्हा ने अजय सिंह से पूछा, “दारू पीकर हंगामा क्यों करते हो?” इस पर अजय सिंह भड़क गए और बोले, “तुम अपने आप को क्या समझते हो?” विवाद बढ़ने पर विजय सिन्हा ने अधिकारियों को बुलाकर अजय सिंह की गाड़ी की जांच कराने का आदेश दिया। इसके जवाब में अजय सिंह ने कहा, “14 नवंबर को तुम्हारा नशा उतार दूंगा।”
झड़प के दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर व्यक्तिगत हमले किए, जिससे वहां तनाव और बढ़ गया। विजय सिन्हा ने आरोप लगाया कि अजय सिंह शराब के नशे में बूथ पर गुंडई कर रहे थे और मतदान केंद्र पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। वहीं, अजय सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि वे केवल वोटरों को पैसे बांटने वालों को रोकने गए थे।

उपमुख्यमंत्री ने जताई नाराजगी
हमले के बाद उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने बेहद नाराजगी जताई है और लखीसराय के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अजय कुमार को “कायर और कमजोर” बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन ने स्थिति को संभालने में देरी की और सही समय पर कार्रवाई नहीं की। सिन्हा ने इस हमले को “राजद की जंगलराज वाली सोच” का उदाहरण बताया और कहा कि चुनाव के दौरान समाज के कमजोर वर्गों को डराया और धमकाया जा रहा है ताकि वे मतदान न कर सकें।
तोड़फोड़ का लगाया आरोप
विजय सिन्हा ने यह भी आरोप लगाया कि राजद समर्थकों ने उनके पोलिंग एजेंट को बूथ के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया और उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ की गई। उन्होंने कहा कि अति पिछड़े और अनुसूचित वर्ग के लोगों को भी वोट डालने से रोका गया, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सीधा हमला है।
सिन्हा ने कहा, “ये गुंडा आरजेडी का है। सत्ता में आ रही एनडीए सरकार, इनकी छाती पर बुलडोजर चलेगा। विजय सिन्हा जीत रहा है, हम जीत रहे हैं। ये राजद का यादव का गुंडा समाज है, जो अच्छे यादवों को वोट नहीं देने दे रहा। राजद का गुंडा राज कायम करना चाहता है, लेकिन अब इनकी छाती पर बुलडोजर चलेगा।”
विजय सिन्हा के मुताबिक, जब वे इन शिकायतों की जांच के लिए मौके पर पहुंचे, तभी भीड़ ने गोबर और मिट्टी फेंककर उन पर हमला कर दिया। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने उन्हें सुरक्षित वहां से निकाला। हालांकि, इस बीच काफी देर तक हंगामा और भगदड़ की स्थिति बनी रही।

अनशन की दी चेतावनी
घटना के बाद मुंगेर रेंज के डीआईजी राकेश कुमार ने कहा कि इस मामले की पूरी जांच की जाएगी और जो भी लोग इस घटना में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद उपमुख्यमंत्री और स्थानीय उम्मीदवार दोनों से बातचीत की है।
वहीं, घटना के बाद प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वह इस पूरे मामले की शिकायत डीजीपी और चुनाव आयोग से करेंगे। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो वे उसी गांव में अनशन पर बैठेंगे।